ताज का दीदार अब होगा लेजर काउण्टिंग सिस्टम से

आगरा। अब ताज नगरी में ताज को एक घंटे में 9 हजार सैलानी दीदार कर पाऐंगे। ताज को लेकर लेजर काउण्टिंग सिस्टम से निर्धारित होगी पर्यटकों की संख्या। जिसके लिए एएसआई और नीरी के बीच बनी आपसी सहमति बनी है।

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आगरा केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की टीम प्रदूषण से ताज पर पड़ रहे प्रभाव की जांच और इसको रोकने के उपायों पर मंथन के लिए मंगलवार को आगरा आयी। इस दौरान टीम ने स्थानीय अधिकारियों और उधोगपतियों के साथ बैठक की । जिसमें ताज को प्रदूषण की आंच से बचाने के मौजूदा टीटीजेड जोन के मानकों में परिवर्तन करने पर विचार किया । इसके साथ ही बैठक में उधोगो के नए ग्रेडिंग सिस्टम पर अधिक बल दिया तो वही उधोगपतियो ने प्रदूषण के लिए उधोगो से ज्यादा जिम्मेदार अन्य कारको को बताया।

ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के उपायो पर मंथन के लिए मंगलवार को केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की टीम ताजनगरी आयी। टीम में शामिल सीपीसीबी,यूपीपीसीबी,नीरी,एएसआई,के अधिकारियों ने सुबह एडीए में स्थानीय अधिकारियों और और उधोगपतियों के साथ बैठक की। बैठक में टीम के सदस्यो ने वायु और अन्य प्रदूषण की वजह से ताज को हो रहे नुकसान पर अधिकारियों और उधोग पतियों से सुझाव मांगा। साथ ही इसकी रोकथाम के लिए आवश्यक उपायों पर भी विचार किया।

इस दौरान नीरी के वैज्ञानिक डा. के.वी जार्ज ने बताया कि बीस साल पहले ताजमहल के संरक्षण को लेकर टीटीजेड़ के तहत जिन नियमों को लागू किया गया था आज बीस साल बाद उनके मानकों में परिवर्तन लाने की जरुरत है। क्योंकि बीस साल पहले और बीस साल बाद आज तमाम भौतिक परिवर्तन हुए है। जिसकी वजह से आज टीटीजेड के मानकों में परिवर्तन लाना बेहद जरुरी हो गया है।

मंगलवार को बैठक के बाद बुधवार को टीम के सदस्य आगरा समेत फिरोजाबाद में फील्ड विजिट कर यहां औधोगिक प्रदूषण वाले कारको और उसके निवारण के वैज्ञानिक उपाय सुझाएगी। इस पूरी विजिट की रिपोर्ट तैयार कर टीम मंत्रालय को सौंपेगी जिसके बाद जल और वायु प्रदूषण के कारको पर अंकुश लगाने के लिए नयी गाईड लाईन तैयार की जाएगी।

देश दुनियां से ताजमहल के दीदार को आने वाले दीवानों की दीवानगी इसकी सुंदरता को घायल कर रही है। सैलानियों के अतरिक्त बोझ से ताजमहल के पत्थर घिस रहे है तो वही इसके दीवानों की बढती संख्या इसके स्थायित्व के लिए भी बड़ा खतरा मानी जा रही है। सैलानियों की जबदस्त आमद से घायल हो रहे संगेमरमरी ताज को बचाने के लिए जल्द ही ताजमहल पर सैलानियों की संख्या निर्धारित की जा सकती है।

rp_rinkitomar_agraरिंकी तोमर, संवाददाता