सुशील मोदी: राजनीति के अजातशत्रु हैं कोविंद

पटना। दलित समाज से आने वाले बिहार के पूर्व राज्यपाल रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर बधाई देते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि वे सही मायने में राजनीति के अजातशत्रु हैं। एनडीए उम्मीदवार होने के बावजूद उन्हें जदयू सहित देश के 40 राजनीतिक दलों का समर्थन मिला। गुरुवार को यहां आयोजित पत्रकार सम्मेलन में उन्होंने कहा कि बुधवार को उन्होंने टेलीफोन करके जब उन्हें जीत की अग्रिम बधाई दी तो कोविंद ने बिहार से अपने विशेष लगाव की चर्चा करते हुए उन्हें भरोसा दिया कि राष्ट्रपति के तौर पर वे बिहार के हितों का विशेष ख्याल रखेंगे।

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सर्जिकल स्ट्राइक, प्रधानमंत्री की पाकिस्तान यात्रा, नोटबंदी जैसे मुद्दों पर नरेन्द्र मोदी का साथ देने वाले नीतीश कुमार ने यूपीए के दबाव के बावजूद कोविंद को जिस तरह अपना समर्थन दिया, उसी प्रकार उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में धिरे तेजस्वी यादव को बर्खास्त करने की हिम्मत भी दिखाना चाहिए। 15 दिन से जदयू प्रवक्ता रट लगाए हुए हैं कि तेजस्वी के मामले में उनका दल अपने स्टैंड पर कायम है मगर कार्रवाई की समय सीमा नहीं बता रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने दलित समाज से आने वाले कोविंद को देश के सर्वोच्च पद पर आसीन किया है, इसलिए लालू प्रसाद बार-बार मायावती का नाम उछाल रहे हैं जबकि 15 वर्षों के इनके कार्यकाल में सैकड़ों दलितों का नरसंहार हुआ। एक-एक कर दलितों के सभी बड़े नेताओं ने लालू का साथ छोड़ दिया तो आज दिखावे के लिए मायावती के बहाने दलितों के शुभचिंतक बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि मुख्यमंत्री के परामर्श पर ही तेजस्वी यादव दिल्ली जाकर कानूनी रास्ता तलाश रहे हैं ताकि उन्हें कोर्ट से राहत मिल जाए और चार घंटे में मांझी से इस्तीफा लेने वाले मुख्यमंत्री उनके खिलाफ कार्रवाई करने से बच जाए।