सुप्रीम कोर्ट का फैसला- शहर के अंदर हाईवे को नहीं करना चाहिए डिनोटिफाई

हाईवे के 500 मीटर इलाके में शराब का ठेका लगाने की रोक पर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बयान सामने आया है। इस मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम की ने कहा कि हाईवे सिटी के बीच से होकर गुजरता है। इस डिनोटिफाई किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि अगर इसे डिनोटिफाई किया जाता है तो इस में कोई बुराई नहीं है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि बिना सिटा के हाईवे और सिटी के अंदर हाईवे में काफी ज्यादा अंतर होता है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि हाईवे का मतलब होता है जहां पर तेज रफ्तार गाड़ियां दौड़ती है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि हाईवे के 500 मीटर के दायरे में शराब पीकर गाड़ी चलाने से कई सारी गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार सिटी के अंदर जो गाड़ियां चलती हैं तो वह ज्यादा रफ्तार की नहीं होती है।

वही पिछली बार की सुनवाई के दौरान कोर्ट का कहना था कि हाईवे को डिनोटिफाई सिर्फ इसलिए किया जा रहा है ताकि शराब की दुकानें बंद ना हो सके। साथ ही जिससे राज्य को पैसा मिल सके। वही बड़ी सड़कों को जिला सड़क का नाम दिया जा रहा है। सीआईजे ने याचिकाकर्ता को कहना है कि वह सभी सवालों का जवाब दें जिसके बाद 11 जुलाई को इस संबंध में सुनवाई हो सके। बता दें कि याचिकाकर्ता का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों और जिला हाईवे से 500 मीटर तक शराब के ठेकों पर रोक के सुप्रीम कोर्ट के फैसले खत्म करने के लिए उठाया गया है।

नेशनल हाईवे और शहर के हाईवे से 500 मीटर पर शराब की दुकानों पर रोक मामले में 31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था। अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि हाईवे के 500 मीटर तक के क्षेत्र में शराब की ठेकों पर रोक जारी रहेगी। वही यह मामला पिछले साल 15 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि नेशनल हाईवे और राज्य हाईवे से 500 मीटर की शराब की दुकान पर रोक होगी।