टेक्सास के विश्वविद्यालयों में बंदूक लेकर जा सकते हैं छात्र

ह्यूस्टन। अमेरिका के टेक्सास राज्य में एक नया कानून लागू हुआ है। इसके तहत छात्र राज्य के किसी भी सार्वजनिक विश्वविद्यालयमें बंदूक लेकर जा सकते हैं। सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार ‘कैम्पस कैरी लॉ’ नाम का यह कानून वर्ष 2015 में पारित हुआ था, जिसे सोमवार से लागू किया गया।

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राज्य का यह विवादास्पद कानून उन छात्रों को बंदूक लेकर विश्वविद्यालय जाने की अनुमति देता है जो कम से कम 21 साल के हैं और जिनके पास सभी सार्वजनिक कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में हैंडगन लेकर जाने का लाइसेंस है।

खेल वाले क्षेत्र एवं रासायनिक प्रयोगशालाओं वाले क्षेत्र ऐसे हैं, जहां छात्र बंदूक लेकर नहीं जा सकते। निजी विद्यालय एवं दो वर्ष के सामुदायिक कॉलेज अगले साल तक इससे अलग रखे गए हैं। दो साल बाद यह कानून इन पर भी लागू हो जाएगा। यह कानून क्लॉक टावर नरसंहार की 50वीं बरसी पर प्रभावी हुआ है। इस घटना में ऑस्टिन स्थित टेक्सास विश्वविद्यालय में एक अगस्त 1966 को एक छात्र ने 49 लोगों को गोली मारी थी जिनमें 16 लोगों की मौत हो गई थी।

एनबीसी न्यूज की खबर के अनुसार, 25 वर्षीय इंजीनियरिंग का छात्र चार्ल्स विटमन परिसर के क्लॉक टावर के 28वें तल पर चढ़ गया था और वहां से उसने छात्रों एवं कर्मचारियों पर गोली चलानी शुरू कर दी थी। टेक्सास अमेरिका के उन आठ राज्यों में एक है जहां छात्रों को कॉलेज के भवन में बंदूक लेकर जाने की इजाजत है। इनमें टेक्सास विश्वविद्यालय भी है जिसमें दो लाख 15 हजार छात्र हैं।

इससे पहले टेक्सास में 1995 में एक कानून पर हस्ताक्षर हुआ था जिसमें जिन छात्रों के पास आग्नेयास्त्र का लाइसेंस था वे परिसर के फुटपाथ, सड़कों और पार्किं ग वाली जगह पर बंदूक लेकर जा सकते थे। अमेरिका में गोली चलाने की कुछ सबसे जानलेवा घटनाएं कॉलेज परिसरों में ही हुई हैं।

एनबीसी न्यूज के अनुसार, वर्ष 2007 में वर्जीनिया टेक विश्वविद्यालय के एक छात्र ने 33 लोगों की हत्या कर दी थी और 23 को घायल किया था। उसके अगले साल नार्दर्न इलिनोइस युनिवर्सिटी के एक पूर्व छात्र ने एक कक्षा में घुसकर छह लोगों की हत्या कर दी थी और अपनी जान देने के पहले 21 लोगों को घायल कर दिया था।