भ्रूण हत्या करने वालों को सात पीढ़ियों तक पाप ढ़ोना पड़ता है : तिवाड़ी

जयपुर। दीनदयाल वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी सांगानेर में कुमावत क्षत्रिय समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन में वर वधू को न केवल स्वयं का परिवार बल्कि पूरा समाज आशिर्वाद देता है।

इसलिए ऐसे सामूहिक विवाह सम्मेलनों का आयोजन किया जाते रहना चाहिए। तिवाड़ी ने अपने उदबोधन में कहा कि दुनिया में सबसे सुरक्षित जगह कोई है तो वो मां की कोख है। तिवाड़ी ने नवविवाहित जोड़ों के समेत उपस्थित जनसमूह से बेटी बचाने व पढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वे परिवार जो भ्रूण हत्या में लिप्त होते हैं उनकी सात पीढ़ियां भी इस पाप से मुक्त नहीं हो पाती। इसलिए बेटियों का संरक्षण किया जाना चाहिए।

तिवाड़ी ने वर वधु को इस अवसर पर तुलसी का पौधा भेंट कर धर्म, समाज, परिवार और बुजूर्गों की सेवा करने का संकल्प भी दिलवाया। इस दौरान समाज के पदाधिकारियों ने तिवाड़ी को साफा व माला पहनाकर शॉल भेंट किया। कार्यक्रम में कुमावत समाज के अध्यक्ष रमेश रोलानिया, रामनारायण, पूर्व पार्षद प्रभुनारायण कुमावत, रामस्वरूप खंडेलवाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष अशोक यादव भी मौजूद रहे।