अभय और सोनम की फेयरनेस क्रीम पर बहस से पिता अनिल ने किया किनारा

मुंबई। बॉलीवुड के एक्टर और ‘रांझना’ मूवी में सोनम के को-स्टार रहे अभय देओल और सोनम कपूर के बीच फेयरनेस क्रीम के विज्ञापनों पर चल रही बहस अभी तक खत्म नहीं हुई है। दरअसल अभय ने फेयरनेस क्रीम के विज्ञापनो में सेलेब्रिटीज के अभिनय करने को निराशाजनक बताया था। इसमें उन्होनें सोनम, दीपिका समेत बॉलीवुड के कई बड़े सितारो पर निशाना साधा था।

हालांकि अभय की इस पोस्ट पर किसी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन रांझणा में उनके साथ काम कर चुकी सोनम को इस बात का काफी बुरा लगा और दोनों के बीच बहस शुरु हो गई। इसी मामले पर सोनम के पिता अनिल कपूर से पूछा गया तो उन्होने कहा की ये एक छोटी बात है और इस पर उन्हें कुछ बोलने की जरुरत नहीं है। अनिल ने आगे कहा की मैं अपने बच्चों के किसी भी मामले में शामिल नहीं होता।

क्या है पूरा मामला

भारत में रंग के आधार पर भेदभाव करना कोई बड़ी बात नहीं है। बॉलीवुड से लेकर टीवी जगत में रंग के आधार पर भेदभाव करना अब एक आम सी खबर हो गई है। ताजा मामले में अभय देओल ने रंगभेद को लेकर चल रही बहस ने एक नया मोड़ दे दिया है। अभय ने सोशल मीडिया पर बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता शाहरूख खान, विद्या बालन,जॉन अब्राहम समेत उन सभी लोगों पर निशाना साधा जो फेयरनेस क्रीम को विज्ञापन करते हैं।

क्या लिखा अभय ने…

अभय ने बुधवार को फेसबुक पर फेयरनेस क्रीम के गोरा बनाने वाले दावे पर पोस्ट किया है। अभय ने लिखा है ”हम रेसिस्ट देश नहीं हैं। मैं इसे साबित करूंगा। नीचे दिए गए चित्र में जॉन के हाथ में एक कार्ड है, जिसमें सफ़ेद से डार्क तक के शेड्स हैं। आप देख सकते हैं, इसमें गहरे रंग की त्वचा का वादा भी किया गया है, अगर कार्ड को बाएं से दाईं तरफ पढ़ें। वो आपको दाएं से बाएं जाने के लिए नहीं कह रहा।

अभय के इस पोस्ट को गत दिनों भाजपा सांसद तरूण विजय द्वारा दिए गए रंगभेद के बयान से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल कुछ दिनों पहले तरूण विजय ने एक निजी चैनल को दिए गए साक्षात्कार में कहा था कि भारत रेसिस्ट यानि की नस्लवादी नहीं है। अगर ऐसा होता तो दक्षिण भारत कैसे होता है। साक्षात्कार में विजय ने ये भी कहा था कि, ‘हमारे चारों ओर संवाले लोग रहते हैं इसके बाबजूद भारत में रेसिस्ट लोगों पर बहस जारी रहती है।

अभय ने शाहरूख खान, जॉन, विद्या, दीपिका पादुकोण, शाहिद कपूर सबके लिए अलग-अलग पोस्ट लिखकर कई सारे सवाल खड़े किए हैं।