भाजपा के ‘शत्रु’ समर्थन में उतरे तेजस्वी

पटना। कहते हैं दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है। वैसे ही सियासत में भी आम जिंदगी में चलने वाली दुश्मनी और दोस्ती के सिद्धांत को देखा जा सकता है। अगर दुश्मन का दुश्मन दोस्त बन जाए तो हमला काफी घातक सिद्ध हो सकता है। ऐसा ही कुछ खेल बिहार की राजनीति में देखा जा रहा है।
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर बेनामी संपत्ती का लगातार आरोप लगाने वाले बीजेपी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को अब दो फ्रंट में दुश्मनों का सामना करना पड़ सकता है। सुशील मोदी के सामने पहला फ्रंट लालू के समर्थन में आए लोग हैं तो सुशील मोदी के सामने दूसरा फ्रंट उन्हीं की पार्टी के नेता और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा हैं।

सोमवार को शत्रुघ्न सिन्हा ने देश में चल रही नकारात्म राजनीति को लेकर ट्वीट किया। अपने ट्वीट में उन्होंने इशारो ही इशारों में सुशील कुमार मोदी पर निशाना भी साधा। जिसके बाद ट्वीटों का सिलसिला जारी हो गया और सुशील मोदी ने ट्वीट कर शत्रुघ्न सिन्हा को गद्दार करार दे दिया। इस बीच राजद नेता और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी ट्वीट जंग में कूद गए और उन्होंने शत्रुघ्न सिन्हा का समर्थन करते हुए ट्वीट करना शुरू कर दिया।

तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया की ‘जो आपको “शत्रु” कहता है वह खुद “सुशील” कैसे हुआ?’ महीनों से आरोपों की मार झेल रहे लालू परिवार को शत्रुघ्न सिन्हा के ट्वीट से कुछ राहत मिलती दिख रही है। वही तेजस्वी ने आगे ट्वीट कर कहा कि ‘उन्हें बीजेपी में आप और किर्ती आजाद जैसे अनेकों चुने हुए जनप्रतिनिधियों से समस्या है’।
ट्वीटों का सिलसिला यहीं नहीं रुका बलकि तेजस्वी ने आगे ट्वीट कर कहा कि ‘झूठे आरोप लगाने वाला बिहार बीजेपी का वह नेता सभी रंगों में झूठ बोलने का विशेषज्ञ है। वह शायद, सलेक्टिव एनीमिसिया व रंग द्दष्टिहीनता का शिकार है’

आपको बता दें कि सोमवार को शत्रुघ्न सिन्हा ने इशारों में सुशील मोदी पर वार करते हुए ट्वीट किया था जिसके बाद से आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हुआ है। शत्रु के ट्वीट के बाद सुशील मोदी ने उन्हें गद्दार करार दिया था।