यौन उत्पीड़न मामला डीएम ने दिए FIR दर्ज करने के आदेश

उत्तर प्रदेश । हरदोई के कस्तूरबा विध्यालय में बालिकाओं के साथ यौन उत्पीड़न मामला सामने आया है, एक अंश कालीन अधयापक, सहायक, और रसोइया थी शामिल, डीएम ने संज्ञान में आते ही दिए FIR करवाने के आदेश।

उत्तर प्रदेश हरदोई जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक ऐसा संघीन मामला प्रकाश में आया है जिसको जानने के बाद डीएम हरदोई ने गंभीरता से लेते हुए कार्यवाही के आदेश दिए, दरअसल मामला जिले के कस्तूरबा गाँधी आवासीय विध्यालय से जुड़ा हुआ है। जिसमे काफी समय पहले बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न की शिकायत बेसिक शिक्षा अधिकारी से की गयी थी।

हरदोई सर्वे शिक्षा अभियान के तहत बेटियो के लिए दूर-दराज छेत्रो में कस्तूरबा आवासीय विध्यालय निर्धन बच्चियों की पढ़ाई के लिए होता है। स्कूल में बच्चियां रुकती भी है जिनके खाने से लेकर पढ़ाई तक सारा खर्चा राज्य एवं केंद्र सरकार उठाती है। सरकार जहा बेटी पढ़ाओ एंवम बेटी बचाओ के लिए तमाम से तमाम योजनाओ पे काम कर रही है वही हरदोई में एक अंश कालीन अध्यापक एवम एक सहायक और रसोइये का मामला प्रकाश में आते ही खलबली मच गई डीएम हरदोई की जानकारी में आते ही बेसिक शिक्षा अधिकारी को FIR दर्ज़ करवाने के आदेश दिए जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर रसोइये ओर अधयापक की गिरफ्तारी के प्रयास तेज़ कर दिए।

पहला मामला है हरदोई के शाहाबाद कस्तूरबा आवासीय विध्यालय का जहाँ पर तैनात सहायक रसोइया धनदेवी फूल टाइम स्टाफ एवम बच्चो के साथ दिन रात रहती है ये छात्राओं को प्रलोभन देकर अपनी और आकर्षित करती थी , तथा छात्राओं को अश्लील वीडियो और फ़िल्म दिख कर सेक्स के प्रति आकर्षित करती थी, एक दो लड़कियों को ये अपने घर भी लेकर गई जॅंहा इसने नए कपड़े भी ख़रीदवाये और फिर घर आये लड़के के साथ दुष्कर्म भी करवाया। जब लडकिया स्कूल आयी तो उन्होंने स्कूल वार्डेन को सारी वारदात के बारे बताया जिस पर वार्डेन ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से शिकायत की जिस पर जाच कराई गई तो मामला सही पाया गया।

अब दूसरे कस्तूरबा आवासीय विध्यालय की बात करे तो वो है थाना बेनीगंज के कोथावां का है। जहाँ तैनात एक अंश कालीन शिक्षक ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी अध्यापक के दौरान बच्चियों को पहले तो पोर्न फिल्म दिखाते थे फिर साथ ही बच्चियों के MMS भी बनाते थे, जिससे बच्चियां इनसे डरि सहमी थी और उन्होंने इसकी शिकायत अपनी वार्डेन से की थी। वार्डेन ने इसकी जानकारी बीएसए को दी थी जिसकी जांच के बाद आरोप सही पाए गए पर कार्यवाही नही हो पा रही थी। अभी हाल हि मे हरदोई की डीएम शुभ्रा सक्सेना को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और बेसिक शिक्षा अधिकारी से इसमें कार्यवाही करने के लिए आदेशित किया गया, उनके आदेश के बाद हरकत में आया शिक्षा विभाग ने तुरंत दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कर दी।