‘सेकंड डॉटर’ को लेकर ई-मेल के खुलासों से मुश्किल में हिलेरी

वॉशिंगटन। बीते दो दशक से वह हिलेरी क्लिंटन के साथ न सिर्फ साये की तरह रही हैं, बल्कि एक तरह से वह उनकी ‘सेकंड डॉटर’ हैं। लेकिन ई-मेल विवाद को लेकर भारतीय-पाकिस्तानी माता-पिता की इस संतान के कारण हिलेरी के राष्ट्रपति बनने की राह में रोड़ा अटक सकता है। भारतीय पिता तथा पाकिस्तानी मां की संतान हुमा अबेदीन (40) हिलेरी के विदेश मंत्री बनने से लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने तक उनके साथ साये की तरह रही हैं।

Hilery

यह अबेदीन ही थीं, जिन्होंने हिलेरी तथा क्लिंटन फैमिली फाउंडेशन के दानदाताओं के बीच कड़ी का काम किया। क्राउन प्रिंस ऑफ बहरीन के लिए साल 2009 में हिलेरी से मुलाकात के लिए 10 मिनट का समय दिलवाने वाली अबेदीन के लिए फाउंडेशन के एक दानकर्ता ने लिखा, ‘वह हमारी अच्छी मित्र हैं।’ उनकी चैरिटी ने क्लिंटन ग्लोबल इनिशिएटिव के एक कार्यक्रम के लिए 3.2 करोड़ डॉलर का दान दिया।

कंजर्वेटिव वॉचडॉग जुडिशियल वॉच द्वारा जारी एक अन्य ई-मेल में खुलासा हुआ है कि क्लिंटन ने सिम डैनिएल अब्राहम से मुलाकात के लिए अपने विमान को 15 मिनट के लिए विलंब तक कर दिया था। अब्राहम ने क्लिंटन की चैरिटी को 50 लाख से एक करोड़ डॉलर का दान दिया था। एसोसिएट प्रेस की एक रपट के मुताबिक, हिलेरी से मिलने वाले या फोन पर उनसे बात करने वाले 154 गैर सरकारी लोगों में से 85 ने उनके फाउंडेशन को 15.6 करोड़ डॉलर का दान दिया। इसके अलावा, 16 विदेशी सरकारों ने क्लिंटन की चैरिटी को 17 करोड़ डॉलर का दान दिया। राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने पूछा, “अगर यह काम के लिए भुगतान नहीं, तो क्या है? अमेरिका के राजनीतिक इतिहास में बेहद चौंकाने वाले घोटालों में से एक है।”

ट्रंप ने कहा, “लेकिन मैं कहूंगा कि वे मुझे बेहद पसंद करती हैं। और अगर मैंने उन्हें दान न दिया होता, तो शायद वह मुझे उतना पसंद नहीं करतीं।” उधर, हिलेरी क्लिंटन ने एसोसिएट प्रेस की स्टोरी को खारिज कर दिया और इसे बिना आग के धुआं करार दिया।