सेबी ने की 331 शेल कंपनियों की पहचान कर ट्रेडिंग की बंद

नई दिल्ली। सरकार कालेधन और अवैध तौर पर कालेधन को व्यापार में लाकर इसे सफेद करने के कारनामे करने वाली कंपनियों पर नकेल कसने के खिलाफ अभियान छेड़े हुए है। इसी अभियान के तहत सेबी ने शेल कंपनियों पर शिकंजा कसते हुए 331 कंपनियों की सूची जारी की है। ये सूची इसलिए जारी की गई है कि अब इन कंपनियों से ट्रेडिंग का काम नहीं किया जा सकेगा। ये कवायद सेबी ने कालेधन पर रोकथाम करने के उद्देश्य से की है। माना जा रहा है कि हाल के दिनों में प्रधानमंत्री मोदी ने इन कंपनियों पर जल्द ही कार्रवाई का जिक्र किया था। जिसके बाद सेबी ने इस लिस्टेड कंपनियों की ट्रेडिंग रोक दी है।

बाजार में शेल कंपनियां आमतौर पर लॉन्ड्रिंग के लिए अवैध फंड का इस्तेमाल कर रही थीं। इन कंपनियों में किसी तरह का कोई काम नहीं किया जा रहा था। ये कंपनियां लोगों ने केवल कागजों पर चला रखी थीं। इसके साथ ही इन कंपनियों के रजिस्ट्रेशन में शेल कंपनी शब्द का कहीं कोई इस्तेमाल नहीं किया गया था। अब इन कंपनियों के जरिए होने वाला ट्रेडिंग का काम अब बंद हो गया है। मौजूदा वक्त में इन कंपनियों को ट्रेडिंग के लिए ग्रेडेड सेर्वेलन्स मेशर के स्टेज 4 में रखना चाहिए था। अगर कोई कंपनी जीएसएम के किसी भी स्टेज के तहत पहचान ली जाये तो उसे जीएसएम के स्टेज 4 में सीधे तौर पर जाना होगा।

इन कंपनियों ने जीएसएम फ्रेमवर्क के स्टेज 4 के तहत कंपनियों में महीने में केवल एक बार ही ट्रेडिंग हो सकती है। निवेशकों को ट्रेडिंग के लिए 200 प्रतिशत तक मार्जिन रखना होगा। 8 अगस्त से जिन कंपनियों को स्टेज 4 में भेजा गया है उनमें से एटीएल इंटरनेशनल, अल्का इंडिया, बिड़ला कोटसिन, बिड़ाल कैपिटल, ब्लू चिप इंडिया, एआरसीसी इंफ्रा, जे कुमार इंफ्राप्रोजक्ट्स, जय माता ग्लास, पिनकॉन स्पिरिट, आरईआई एग्रो, गैलेंट इस्पात, पार्श्वनाथ डेवलपर्स, प्रकाश इंडस्ट्रीज, एसक्यूएस बीएफएसआई, रोहित फेरो और असम कंपनियां हैं।