स्कूल विभाग ने स्कूलों को सौर उर्जा से रोशन करने का प्रस्ताव तैयार किया

रायपुर। सरकारी स्कूलों को सौर ऊर्जा से रौशन करने का काम छत्तीसगढ़ में तेजी चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निर्देशों के अनुरूप राज्य के एक हजार 561 स्कूलों को सौर ऊर्जा प्रणाली से विद्युतीकृत करने का लक्ष्य है। यह लक्ष्य छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेड़ा) को दिया गया है। इनमें से अब तक 649 स्कूलों को सोलर पावर कनेक्टिविटी दी जा चुकी है।

बता दें कि सौर विद्युतीकरण के लिए उपयुक्त पाए गए 1561 स्कूलों में इस कार्य के लिए लगभग 45 करोड़ 98 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें से आठ करोड़ 18 लाख रुपये क्रेडा द्वारा खर्च किए गए हैं। वर्तमान में क्रेड़ा ने 490 स्कूलों में सोलर पावर प्लांट लगाए और 159 स्कूलों को गांव में पहले से स्थापित सोलर पावर प्लांट से कनेक्टिविटी दी गयी है। साथ ही, राज्य के 164 स्कूलों में सोलर पावर प्लांट स्थापना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है। शेष स्कूलों के सोलर विद्युतीकरण के लिए 37 करोड़ 80 लाख रुपये का प्रस्ताव क्रेड़ा द्वारा सर्वशिक्षा अभियान के राज्य कार्यालय को भेजा गया है।

स्कूलों में सौर उर्जा को संचालित करने से बच्चों को पढ़ाई में होने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। कई बार स्कूलों में बिजली न होने के कारण बच्चों को पढ़ाई में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। इसी को देखते हुए विभाग स्कूलों को सौर उर्जा से रोशन करने की तरफ प्रस्ताव तैयार किया गया है। वहीं सौर उर्जा का इस्तेमाल करके बिजली के बिल में भी कटौती की जा सकती है। शिक्षा स्कूल विभाग का कहना है कि सौर उर्जा से बिजली प्रदेश के किसी भी हिस्से में दी जा सकती है। इससे यहां संचालित होने वाले मिडिल और प्राथमिक स्कूलों के बच्चों को फायदा मिलेगा।