5 सालों के लिए सलाखों में कैद होंगे एसबीआई के चीफ मैनेजर

नई दिल्ली। सीबीआई अदालत ने लोन फ्रॉड मामले में एसबीआई के पूर्व चीफ मैनेजर और दो अन्य को पांच साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येेक पर 2.50 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है।

सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि विशेष जज ने बेंगलुरु की कुमारा पार्क एसबीआई ब्रांच के पूर्व चीफ मैनेजर बीवीवीएसएन मूर्ति और दो लोगों, डी. मुरुगुनेशन और श्रीमती एम. ललिथा को पांच-पांच साल की कैद की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने सभी पर ढाई लाख रुपये जुर्माना लगाया। सीबीआई आरोप-पत्र में बताया गया कि मूर्ति ने जुलाई, 1999 से फरवरी, 2000 के बीच चीफ मैनेजर रहते हुए कुमारा पार्क एसबीआई ब्रांच से इन दो आरोपियों के साथ मिलकर 1 करोड़ 6 लाख रुपये का कर्ज घोटाला किया।

आरोपियों ने फर्जी कागजातों के जरिए बैंक से लोन लिया। मामला सामने आने पर सीबीआई ने अप्रैल, 2004 में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपियों को दोषी पाया और उपरोक्त सजा सुनाई।