मुलायम हुए नरम पर अमर सिंह पर अब भी असमंजस

लखनऊ। सपा में संग्राम पर रविवार को पूर्ण विराम लगता नजर आ रहा है क्योंकि अखिलेश के प्रति मुलायम का रुख पहले से काफी बदल गया है। मुलायम कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कह चुके हैं कि अखिलेश उनके बेटे है और वो जो कर रहे हैं उन्हें करने दिया जाए। हालांकि अमर सिंह की उपस्थिति से असंमजस के बादल छंट नहीं पा रहे हैं| लग रहा है कि मुलायम अब भी पार्टी पर अपना ही वर्चस्व चाहते हैं।  ऐसी खबरें है कि सोमवार को मुलायम सिंह यादव चुनाव आयोग जाकर पार्टी और उसके चुनाव चिन्ह ‘साइकिल’ पर अपना दावा कर सकते हैं। बता दें कि चुनाव आयोग ने इस मुद्दे पर सपा के दोनों खेमों को 9 जनवरी तक का समय दिया था।

रविवार को कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘चुनाव की घोषणा हुए चार दिन हो गए। अब बिल्कुल समय नहीं हैं। जिन उम्मीदवारों की हमने घोषणा की है, उन्हें जिताने की तैयारी में जुट जाओ।’ इसी बीच अमर सिंह ने रामगोपाल यादव के चुनाव आयोग में अखिलेश के समर्थन में दिए प्रतिनिधियों के समर्थन पत्रों पर सवाल उठा दिए हैं। उनका कहना है कि इनपर किए हस्ताक्षर नकली हैं। गौरतलब है कि शनिवार को अखिलेश का साथ दे रहे उनके चाचा राम गोपाल यादव ने उनके समर्थन में 5,731 शपथ पत्रों को चुनाव आयोग को सौंपा। इन शपथ पत्रों में अखिलेश यादव के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने का हलफनामा है।अमर सिंह ने रामगोपाल पर निशाना साधते हुए कहा है कि विधायकों के समर्थन का पत्र फर्जी है।

उन्होंने कहा, ‘हमारी पार्टी में कोई विवाद नहीं है।’ लखनऊ में कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद मुलायम और शिवपाल दिल्ली आए। सोमवार को मुलायम चुनाव आयोग से मिलकर साइकल चुनाव चिह्न पर अपना दावा करेंगे। इससे पहले शनिवार को अखिलेश का साथ दे रहे उनके चाचा रामगोपाल यादव ने उनके समर्थन में 5,731 शपथ पत्रों को चुनाव आयोग को सौंपा। इन शपथ पत्रों में अखिलेश यादव के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने का हलफनामा है। दिल्ली में चुनाव आयोग में हलफनामा दाखिल कर पत्रकारों से बातचीत में रामगोपाल यादव ने कहा कि 5,731 हलफनामों में से 4716 प्रतिनिधियों के हलफनामे चुनाव आयोग को सौंपे हैं। सपा के 90 फीसदी नेता अखिलेश के साथ हैं।

उन्होंने कहा कि अखिलेश के नेतृत्व वाली पार्टी ही असली समाजवादी पार्टी है। रामगोपाल यादव ने कहा कि चुनाव आयोग ने हमें 9 जनवरी तक का समय दिया था। हमने सात घंटों में 1.5 लाख पेजों के साथ सभी जरूरी दस्तावेज आयोग को सौंप दिए हैं। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि साइकिल चुनाव चिह्न हमें ही मिलेगा। राम गोपाल यादव 205 विधायक, 15 सांसद और 68 एमएलसी के समर्थन के साथ चुनाव आयोग पहुंचे थे।