साध्वी ऋतंभरा की जुबानी जानिए कैसे हुआ RSS का जन्म

इन दिनों विश्व हिंदू परिषद की फायर ब्रांड नेता और साध्वी ऋतंभरा की एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया में काफी सुर्खियां बटोर रही है। इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत भी दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो में साध्वी ऋतंभरा के साथ बैठकर वह उनका भाषण सुन रहे हैं।

वीडियो में साध्वी ऋतंभरा कह रही हैं कि ‘इश्क एकतरफा में यूं मतरूर हो जाऊंगा मैं, राम तुम होंगे शमा, काफूर हो जाउंगा मैं, मैं तुम्हे देखूं तो देखूं तुम ना मुझको देखना, तूने अगर देखा मुझे मशहूर हो जाउंगा मैं, मैं तुम्हे चाहूं तो चाहू लेकिन तुम ना मुझको चाहना, तूने अगर चाहा मुझे तो मगरूर हो जाउंगा मैं, मैं अगर मांगू कभी तो कुछ ना देना तुम मुझे वर्ना फिर प्रेमी नहीं मजदूर हो जाउंगा मैं’

उन्होंने कहा कि जो बोझ ढोकर मुआवजा चाहता है वह कभी समर्पित नहीं होता है वह असल में मजदूर होता है, जिसने यश-प्रतिष्ठा चाही, जिसने लोकमान्यता चाही, उसका समर्पण अधूरा होता है। उन्होंने कहा कि ‘प्यास से तड़पते हुए अपने ही भाई को देखना लेकिन कुछ ना कर पाना और तिल तिल कर मरने वाले प्यासे को देखकर उस पीड़ा-वेदना में से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का जन्म हुआ है’ उन्होंने कहा कि प्रेरणा नहीं वेदना में से संघ का जन्म हुआ है।