रिजर्व बैंक के नीतिगत निर्णयों की गोपनीयता अनिवार्य : भाजपा

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष विजेश लूणावत ने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर उर्जिल पटेल को परोसी गई प्रश्नावली के मामले में बार-बार आरोप लगा कि रिजर्व बैंक के गवर्नर ने मौन धारण किया है, लेकिन संसद के वित्तीय मामलों की समिति के समक्ष जब उर्जित पटैल ने सभी प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया तो उर्जित पटेल की खामोशी के औचित्य पर डॉ. मनमोहन सिंह ने यह कहकर मोहर लगा दी कि जिस संविधान के आधार पर उन्हें तलब किया गया उसी आधार पर स्वायत्त वित्तीय प्राधिकार के नाते बैंक की नीतिगत गोपनीयता बनाए रखना भी अनिवार्य है।

 

 

कुछ बातों की गोपीनयता बनाए रखना उनका धर्म रहा है। रिजर्व बैंक बौद्विक मामलों की हर बात, हर पहलू को उजागर नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस संवैधानिक कवच के होते हुए रिजर्व बैंक ने जो निर्णय लिया है वह देश की वित्तीय शुचिता और कालेधन पर रोक की दृष्टि से उचित साबित हुआ है। इससे अब आरोपों से धुंध छट जाना चाहिए। नोटबंदी का विरोध और उस पर बहस भी प्रासंगिक नहीं रही है। लूणावत ने कहा कि राजनैतिक परिस्थितियों की परवाह किये बिना ही बैंक को अपनी स्थिति सृदृढ़ करने, अर्थव्यवस्था के सुचारू संचालन, स्वस्थ्य और रोजगारमूलक अर्थ व्यवस्था के लिए सेंट्रल बैंक को कदम उठाना पड़ते हैं। नोटबंदी विचार जब इंदिरा गांधी को आया उन्होंने समिति गठित की थी और उसने नोटबंदी की अनुशंसा की थी, लेकिन सियासी नफा-नुकसान इंदिरा गांधी ने देखा और साहस नहीं जुटाया।

नोटबंदी के बारे में यूपीए सरकार भी विचार करती रही। ऐसा निर्णय तो एक ऐसा व्यक्ति ही ले सकता है, जिसे निज के लाभ-हानि की नहीं देश और अवाम के हित की चिंता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि है। उनके परामर्श से लिया गया फैसला बहुआयामी, दीर्घगामी और देश का भविष्य सुरक्षित होगा।