पटाखा फैक्ट्री मे जलने वाले मृतकों के परिवारों को दिए जाए एक करोड़ रूपये: कांग्रेस

 

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव शनिवार को बालाघाट पहुंचे और पटाखा फैक्ट्री में अवैध रूप से भंडारण की गई विस्फोटक सामग्री से हुए विस्फोट की चपेट में आये 24 निर्दोष मृतकों के परिजनों से मुलाकात की । यादव ने घटना का जिम्मेदार स्थानीय पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को बताते हुए कहा कि मंत्री गौरीशंकर बिसेन की फैक्ट्री संचालक से निकटता और राजनैतिक दबाव में कारण फैक्ट्री मालिक के खिलाफ जिला और पुलिस प्रशासन कोई कार्यवाही नहीं कर पा रहा था। लिहाजा स्थानीय पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को तत्काल सस्पेंड किया जाये।

बता दें कि यादव ने राज्य सरकार से मांग की है कि मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता राशि तथा एक-एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाये। हादसे में गंभीर रूप से घायलों को दी जाने वाली सहायता राशि में भी बढ़ोतरी की जाये। फैक्ट्री में हुए हादसे से 24 लोगों की जान चली गई थी। पटाखा फैक्ट्री में करीब 40 लोग काम करते थे। फैक्ट्री में धमाका इतना तेज था कि बाहर खड़ी फायर बिग्रेड भी जल गई थी। फैक्ट्री में बारूद बढ़ने के बाद भी प्रशासनिक की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसकी वजह से फैक्ट्री में बारूद बढ़ता गया और धमाका हो गया। ये फैक्ट्री शहर से 7 किलो मीटर की दूरी पर है। अच्छी बात तो ये है कि आसपास कोई बस्ती बसी हुई नहीं थी। जो लोग फैक्ट्री में मौजूद थे वहीं लोग हादसे का शिकार हुए हैं।

बताया जा रहा है कि ये फैक्ट्री पिछले 4 साल से प्रशासन के बिना इजाजत के चल रही है। हासदे के बाद फैक्ट्री का मालिक फरार है। यहां पर आईजी, एसपी, कलेक्टर समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। हादसे के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा सा छा गया है। फैक्ट्री को स्थानीय लोग वारसी की पटाखा फैक्ट्री कहते थे। इससे पहले बालाघाट जिले में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ था। जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। करीब एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।