ग्रामीणों को बांटा जा रहा है सड़ा अनाज

अम्बेडकर नगर। प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी द्वारा ग़रीबो के लिए चलाई गई महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन का बुरा हाल है। कम दर पर ग़रीबो को राशन देने के लिए चलाई गई इस योजना में व्यापक तरीके से भ्रष्टाचार फैला हुआ है, कोटेदार गरीबो को सड़ा अनाज बाँट रहे है तो कही ग़रीबों का राशन कार्ड तक नहीं बन पाया है। राशन कार्ड ना बनने के कारण आम जनता को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि न तो उन्हें राशन मिल पा रहा है और न वे अपना आधार कार्ड बनवा सकते है और ही वो अपना बैंक में खाता खुलवा सकते हैं।

बता दें कि उत्तर प्रदेश के इस जिले में कुल 9 ब्लॉक है। लगभग हर जगह यही स्थित है, कुछ गांवों को छोड़कर अधिकांश गांवों के ग्रामीणों को इस योजना का लाभ सही तरीके से नहीं मिल पा रहा है।

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ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

टाण्डा ब्लॉक के अरसांवा गांव में कोटेदार द्वारा जो गरीबों को उचित दर पर राशन वितरित किया जा रहा है। वो पूरी तरह से सड़ा हुआ है। इतना खराब राशन है कि उसे जानवर तक नहीं खाएंगे। जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो कोटेदार ने दुकान बंद कर दिया और ग्रामीणों को राशन देने से साफ़ मना कर दिया, जिसको लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया और साथ ही सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया। हालांकि नतीजा कुछ नहीं निकला।

अकबरपुर ब्लॉक क्षेत्र के सिंझौली , बहोरिकपुर , कनकपट्टी , मिर्जापुर और कबीरपुर सहित कई ऐसे गांव है, जहां के ग्रामीणों को अभी तक राशन कार्ड ही नहीं मिला है। यदि कुछ गांवों में बांटा भी गया है तो उसमे कई त्रुटियां है। जैसे की राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत जारी किए जा रहे राशन कार्ड में परिवार की मुखिया उस परिवार की महिला होती है और राशन कार्ड पर परिवार की मुखिया महिला का नाम और फोटो अंकित होना चाहिए।

परिवार की मुखिया महिला के नाम पर जारी इस योजना के राशन कार्ड में नाम तो महिला का है लेकिन फोटो पुरुष की लगाईं गई है बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे उनके सामने ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें कोटेदार द्वारा निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जाता है।

अधिकारी ने साधी चुप्पी

वही जब इस मुद्दे पर जिला पूर्ति अधिकारी से बात की गई तो उनका कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। क्षेत्रीय अधिकारी को मौके पर भेजा गया है, यदि जाँच में सड़े को अनाज को वितरित करने की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी और ग्रामीणों को साफ़ और सुथरा गेंहू का वितरण कराया जाएगा।

rp_kartikay-duwadi_ambadkernagar कार्तिक्य दिवेदी, संवाददाता