गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरेगा जो घुटनों के बल चले !

नई दिल्ली। गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में वो तिफ़्ल क्या गिरेगा जो घुटनों के बल चले!…..अलामा इक़बाल की इन चंद लाइनो को अक्सर आपने सुना होगा लेकिन आज इन लाइनो का असली नजारा खेलों के महाकुम्भ 2016 रियो ओलंपिक में देखने को मिला। फ्रांस के जिमनास्ट समीर ऐट सईद का हवा में कलाबाजी करने के दौरान जमीन पर गिरते वक्त बैलेंस बिगड़ गया और उनका पैर टूट गया।

Sameer

समीर कल रियो ओलंपिक के आर्टिस्टिक जिमनास्टिक्स मेंस कॉलिफिकेशन के दौरान वॉल्ट पर परफॉर्म कर रहे थे लेकिन वॉल्ट से जमीन पर आते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और उनके बांए पैर के घुटने का नीचे का हिस्सा बुरी तरह टूट गया। मिली जानकारी के अनुसार समीर का गलत एंगल में पैर पड़ने की वजह से ये हादसा हुआ है।

फिलहाल, उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।