राज्य सरकार ने किया CNT और SPT एक्ट में संशोधन, आदिवासियों ने लगाया जमीन छीनने का आरोप

रांची। सीएनटी और एसपीटी एक्ट में हुए संशोधन के खिलाफ आदिवासी संघर्ष मोर्चा का जुलूस 29 जून को दुमका जिले के भोगनाडीह में निकलेगा। साथ ही 30 जून को वहां एक जनसभा का भी आयोजन किया गया है। इसे लेकर आदिवासी संघर्ष मोर्चा की बैठक जल्द होगी। जिसमें कार्यक्रम को लेकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। यह जानकारी शुक्रवार को मोर्चा के संयोजक सह प्रवक्ता प्रेम शाही मुंडा ने दी।

बता दें कि प्रेम शाही का कहना है कि सीएनटी और एसपीटी एक्ट में संशोधन कर राज्य सरकार गरीब आदिवासियों की जमीन लूटना चाहती है। जिसे आदिवासी समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। इसे लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर जनता को जागरूक किया जाएगा कि किस तरह सरकार इस एक्ट में संशोधन कर हमारी जमीन लूटना चाह रही है। उन्होंने कहा कि अगर इस एक्ट में हुए संशोधन को सरकार जल्द वापस नहीं लेती है, तो आदिवासी संघर्ष मोर्चा उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर जल्द ही मोर्चा की बैठक होगी। जिसमें आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

आदिवासियों का आरोप है कि राज्य सरकार उनकी जमीने झीन कर उन्हें और गरीब बनाना चाहती है लेकिन वो ऐसा बिल्कुल नहीं होने देंगे और अपने हक के लिए लड़ेंगे फिल चाहे इसके लिए उन्हें कुछ भी करना पड़े। उन्होने कहा कि राज्य सरकार की इस लूट लिए ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को इसके लिए जागरूक किया जाएगा ताकि वो लोग अपनी जमीन हत्याने से बचा सके। साथ ही उन्होंने सराकर को चेताते हुए कहा कि अगर सरकार इस संशोधन को वापस नहीं लेती है तो आदिवासी इसका संघर्ष करेंगे।