रामनाथ कोविंद 25 जून से करेंगे देश हर राज्य का दौरा

नई दिल्ली। एनडीए राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद 25 जून से हर राज्य का दौरा करेंगे। हालाँकि कोविंद को बहुमत का आंकड़ा लगभग प्राप्त है। परन्तु देश के हर राज्य में जाकर कोविंद अपने समर्थन के लिए राजनीतिक दलों से अपील करेंगे। बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर माहौल काफी गर्माया हुआ है। जहां एक तरफ बीजेपी की तरफ से एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का नाम सामने आया है तो दूसरी तरफ सभी विपक्षी दलों ने आपसी गठबंधन कर मीरा कुमार का नाम राष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर सामने रखा है। राष्ट्रपति उम्मीदवारों की रेस में जहां बीजेपी का चेहरा रामनाथ कोविंद के जरिए सामने आया है तो विपक्षियों को मीरा कुमार दर्शाने में लगी हुई हैं, उम्मीदवारों की बात की जाए तो दोनों ही उम्मीदवार एक से बढ़कर एक हैं।

अक्सर ऐसा देखा जाता है कि बीजेपी अपने पत्तों को सबसे बाद में ही खोलती है लेकिन इस बार कुछ अलग ही हुआ। विपक्षी पार्टियों ने इस बार पहले बीजेपी के पत्तों को पहले खुलने देना मुनासिब समझा, लिहाजा बीजेपी ने दलित चेहरे को राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए खड़ा किया। जिसके बाद काफी सूझबूझ और बैठके कर विपक्ष ने अपने राष्ट्रपति उम्मीदवार का नाम तय किया और विपक्ष के चेहरे के रूप में मीरा कुमार निकल कर सामने आई। विपक्ष ने भी बीजेपी को देख अपने अपना भी दलित उम्मीदवार को राष्ट्रपति के रेस में खड़ा कर दिया।

बात की जाए रामनाथ कोविंद की तो वह बीजेपी के राजनेता हैं। रामनाथ कोविंद राज्यसभा सदस्य भी रह चुके हैं। जिसके साथ वह बिहार के राज्यपाल हैं। एनडीए द्वारा 19 जून 2017 को राष्ट्रपति उम्मीदवार की रेस में उनके नाम पर मुहर लगी। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंक कर इस बात की जानकारी दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि रामनाथ कोविंद ने दलित समाज के लिए काफी सहारनीय काम किया है। रामनाथ कोविंद पेशे से एक वकील हैं, कारणवश उन्हें संविधान का अच्छा खासा ज्ञान है।

अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि पेशे से वकील और संविधान का अच्छा ज्ञान होने के कारण वह राष्ट्रपति पद के लिए अच्छे साबित होंगे। बीजेपी का मानना है कि राष्ट्रपति के तौर पर रामनाथ कोविंद देश हित और मानवता के लिए अच्छा काम करेंगे। रामनाथ कोविंद के बारे में गहनता से देखा जाए तो उनका जन्म देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में हुआ था। डेरापुर तहसील के एक छोटे से गांव में जन्मे रामनाथ कोविंद की नियुक्ति बिहार के राज्यपाल के रूप में हुई। अपने राजनीतिक कैरियर में उन्होंने कई सारे काम किए हैं। जिनमें से दलित चेहरा होने के नाते उन्होंने दलित समाज के लोगों के लिए बहुत से ऐसे काम किए जिससे दलितों की छवि को समाज में और भी ज्यादा अच्छा दर्शाया गया। राष्ट्रपति नामांकन करने के बाद 71 वर्षीय कोविंद ने बीजेपी वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी और आडवाणी से मिले। वही कोविंद ने 23 जून 2017 को राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है।