राजनीतिक हल से हुआ सांभर झील का बटवारा

जयपुर। पुराने समय से जयपुर और मारवाड़ के बीच सांभल झील के दावे वाले विवाद में राज्य सरकार की ओर से बीच का रास्ता निकाला गया है। राज्य सकार ने दोनों पक्षों का निवारण करते हुए बीच का रास्ता निकालते हुए सांभल झील को दो गैर आबादी वाले राजस्व गांव घोषित कर दिया है। प्रशासन की ओर से जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक अब नागौर क्षेत्र में आने वाली झील का नाम सांभर झील नावां होगा, जबकि जयपुर को दिए गए हिस्से का नाम सांभर झील ही रहेगा।

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राज्य सरकार करेगी हस्तक्षेप

राजस्व गांव घोषित किए जाने के बाद इस गांव में अब राज्य सरकार का हस्तक्षेप बढ़ेगा। राज्य सरकार इस इलाके में होने वाले तमाम विकास कार्यो का सर्वेक्षण करेगी उसके बाद ही कोई काम आगे बढ़ पाएगा।