कत्ल खानों को लेकर प्रशासन की सख्ती, स्लाटर हाउस पर पुलिस की छापेमारी

शाहजहांपुर । प्रदेश भर में चल रहे कत्ल खाने को ले शासन प्रशासन सख्त है वही शाहजहाँपुर मे भी प्रशासन की टीम ने नगर पालिका एरिया में चल रहे स्लाटर हाउस पर पुलिस के साथ  छापे मारी की । जिसको लेकर स्लाटर हाउस में काम करने वाले फरार हो गए देखते देखते वहाँ लोगो का हूजूम इकठ्ठा हो गया । वही मौजूद नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी मुनेंद्र सिंह की टीम के साथ नोक झोक भी हुई जिसके बाद जिला प्रशासन की टीम उलटे पांव रवाना हो गई । दोनो विभागों की टीमों की अलग अलग राय होने के बाद अब जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी जिसके बाद ही साफ हो पाएगा कि इस वक्त चल बूचङखाना वैध है या अवैध।फिलहाल प्रशासन टीम का कहना है कि जांच रिपोर्ट डीएम को सौप दी जाएगी।

दरअसल प्रदेश मे बीजेपी सरकार बनते ही प्रदेश के जिलों मे बूचङखानों पर छापेमारी शुरू हो चुकी है। इसी के चलते आज आज एक डीएम द्वारा पशु चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में बनाई गई टीम वे सदर बाजार थाना क्षेत्र मे नगर पालिका की जमीन पर चल रहे बूचङखाना पर छापेमारी की। इस दौरान वहां पर काम कर रहे लोग भाग गए। छापेमारी की खबर सुनते ही नगर पालिका के ईओ भी वहां पर पहुच गए। उसके बाद दोनों टीमों मे चल रहे बूचङखाना को लेकर जमकर बहस होने लगी। हालांकि जिस वक्त छापेमारी की गई थी। उस वक्त क्षेत्र मे हङकंप मच गया था। आपको बता दें कि ये बूचङखाना सन 1919 मे शुरू हुआ था। जिसको अब करीब 98 साल हो चुके है। वहीं जिला प्रशासन ने छापेमारी कर जांच रिपोर्ट शासन को भेजने की बात की है और साथ ही प्रशासन टीम में मौजूदा पशु चिकित्सा अधिकारी ने इस बूचङखाना मे मानक के अनुरूप काम न होना बताया है। तो वही नगर पालिका के ईओ ने इसे पूरी तरह से वैध बताया है।

प्रशासन टीम के पशु चिकित्सा अधिकारी राजेंद्र  सिंह की माने तो डीएम के आदेश पर आज ककरा क्षेत्र मे चल रहे बूचङखाना पर छापेमारी की है। जिसमे मानकों के अनुरूप काम नही होता दिख रहा है। ये बूचङखाना नगरपालिका की जमीन पर बना है जो आबादी के बीच मे है। छापेमारी के दौरान नगर पालिका के ईओ समेत बात हुई है उसके कागजता दिखाने की बात की है।

वहीं नगरपालिका ईओ मुनेंदर सिंह ने बताया कि ये बूचङखाना नगर पालिका जमीन पर बना है इसको करीब 98 साल हो चुके है। यहां रोज सुबह मे डाक्टर आता है और वह जानवरों की जांच कर उसके बाद ही उसको काटा जाता है। ये बूचङखाना रजिस्टर्ड है। फिलहाल अब देखना होगा कि जो रिपोर्ट जिला प्रशासन ने शासन को भेजी है। क्या वो रिपोर्ट बूचङखाना को वैध या अवैध साबित कर पाती है या नहीं।

 -अभिषेक सिंह चौहान