राहुल गांधी बर्थडे स्पेशल

नई दिल्ली। राहुल गांधी राजनीति में एक जाना माना चेहरा है जो गांधी परिवार की चौथी पीढ़ी का हिस्सा है। राहुल को उनके पिता की छवि माना जाता है। कहा जाता है कि राहुल बिल्कुल अपने पिता जैसे दिखते हैं। राहुल गांधी काग्रेंस पार्टी के उपाध्यक्ष हैं और वो अपनी मां सोनिया गांधी के साथ रहकर राजनीति के गुणों को सीख रहें हैं। देश के बहुत से युवा ऐसे हैं जो राहुल को बहुत पसंद करते हैं। राहुल गांधी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष भी बनाए गए हैं। वहीं राहुल गांधी कांग्रेस कार्य समिति के दूसरे नंबर के सदस्य हैं।

राहुल गांधी का जन्म

राहुल गांधी का जन्म सन 1970 में भारत में नई दिल्ली में हुआ था। राहुल गांधी राजीव गाधी और सोनिया गांधी के बड़े बेटे हैं। राहुल की एक बड़ी बहन प्रियंका गांधी है। हालांकि सोनिया इटली की रहने वाली हैं। राजीव गांधी से मिलने के बाद सोनिया को राजीव गांधी से प्यार हो गया और दोनों ने शादी कर ली जिसके बाद सोनिया को भारत की नागरिकता मिल गई और सोनिया ने हिंदू धर्म अपना लिया। राहुल गांधी के पर नाना जवाहर लाल नेहरू आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री थे और उनकी दादी पहली भारतीय महिला प्रधानमंत्री थी।

राहुल गांधी की शिक्षा

राहुल ने अपनी पढ़ाई की शुरूआत दिल्ली के संत कोलंबिया स्कूल से की थी। उसके बाद राहुल का एडमिशन देहरादून के दून स्कूल में हो गया। 1984 में इंदिरा गांधी की मौत के बाद गांधी परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई। जिससे राहुल और उनकी बहन प्रियंका की पढ़ाई पर काफी असर पड़ा दादी की मौत के बाद दोनों को स्कूल छोड़ना पड़ा। इंदिरा गांधी की मौत के बाद राजीव गांधी को प्रधानमंत्री बना दिया गया। जिसके बाद राहुह और प्रियंका की पढ़ाई घर पर ही कराई गई। 1989 में राहुल ने कॉलेज की पढ़ाई करने के लिए दिल्ली के संत स्टेफेन कॉलेज में दाखिला ले लिया। एक साल यहां पढ़ाई करने के बाद राहुल अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी चले गए। एक दिन अचानक राजीव गांधी की मौत ने राहुल को हिला दिया और गांधी परिवार की सुरक्षा को और कड़ा कर दिया गया। उसी कड़ी सुरक्षा के दौरान राहुल को ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के लिए लंदन जाना पड़ा।

राहुल का राजनीतिक सफर

मार्च 2004 में राहुल ने राजनीति में आने की घोषणा की राहुल गांधी ने ऐलान किया कि विधानसभा के चुनाव में वो अपने पिता के क्षेत्र अमेठी से चुनाव लड़ेंगे। तब तक अमेठी से उनकी मां सोनिया गांधी खड़ी होती थी। लेकिन राहुल के अमेठी में आने के बाद सोनिया ने रायबरेली को अपना चुनावी क्षेत्र बना लिया। उत्तर प्रदेश में उस वक्त कांग्रेस की हालत बहुत खराब थी। तो वहीं दूसरी तरफ राहुल के लिए लोगों का कहना था कि अगर देश की सबसे मशहूर पार्टी की कमान किसी युवा के हाथ में दी जाएगी तो ये पार्टी के भविष्य के लिए बहुत अच्छा होगा। इससे भारत में युवा शक्ति बढ़ेगी। राहुल ने एक इंटरव्यू में कहा कि वो विभाजनकारी राजनीति के पक्ष में बिल्कुल नहीं है। राहुल ने कहा था कि वो देश में एकजुट होकर काम करेंगे। जिसके बाद कांग्रेस की ताकत सबके सामने आई।

राहुल गांधी की अचीवमेंट

राहुल गांधी ने 2004 में अमेठी से लोकसभा सीट जीती। सभी कार्यक्रमों में राहुल मां सोनिया के साथ दिखाई देने लगे। रायबरेली की सीट से सोनिया के चुनाव लड़ने के दौरान बहन के साथ मिलकर मां का साथ दिया। 2007 से राहुल कांग्रेस के प्रमुख सदस्य बन गए। 2009 में राहुल ने पूरे देश पर भ्रमण किया। 2011 में राहुल ने उत्तर प्रदेश के किसानों का साथ दिया जिसके लिए उन्हें जेल भी जाना पड़ा। 2012 में राहुल ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्य भूमिका निभाई। वहीं 2013 में राहुल पार्टी के उपाध्यक्ष चुने गए। इसके साथ ही 2014 में बीजेपी के दिग्गज नेताओं के सामने राहुल को आम चुनाव का जिम्मा सौंपा गया जिसमें राहुल खरे नहीं उतर पाए।

राहुल गाधी की किताब

राहुल के जीवन पर अभी तक दो किताबे लिखी जा चुकी हैं। जिसमें से एक का नाम राहुल- दी फर्स्ट ओथोरीटेतीक बायोग्राफी जिसको जतिन गांधी और वीन संधु ने लिखी है। वहीं दूसरी किताब जिसका नाम डिकोडिंग राहुल गांधी हैं जिसे आरती रामचंद्र द्वारा लिखा गया है। दोनों ही किताबों में राहुल के जीवन को बड़ी ही अच्छे ढंग से उतारा गया है। फिलहाल राहुल गांधी आने वाले 2019 के आम चुनाव की तैयारी में जुटे हैं।

 रानी नक़वी