पीडब्लूडी ने 11 जुलाई तक मांगी करोड़ों के घोटाले की रिपोर्ट

लखनऊ। यूपी पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट (उप्र पीडब्लूडी) में यूएस कंस्ट्रक्शन के फर्जीवाड़े से 22 करोड़ रुपये के हुए घोटाले की एसआईटी जांच की रिपोर्ट को विभाग ने 11 जुलाई तक प्रमुख सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक से मांगा है। उप-मुख्यमंत्री और पीडब्लूडी मंत्री केशव मौर्या को एक शिकायत मिली कि समाजवादी पार्टी की सरकार में एटा की यूएस कंस्ट्रक्शन कम्पनी ने 48 सड़कों के निर्माण कार्य के लिए टेन्डर हासिल कर लिये हैं।

 

इनको लेने के साथ ही सड़कों के निर्माण की जिम्मेदारी कम्पनी के संचालक की है। वहीं यूएस कंस्ट्रक्शन में सबकुछ फर्जी था। फर्म का पंजीकरण फर्जी है और एफडीआर के फर्जी अभिलेखों के बूते कम्पनी ने तमाम टेंडरों को हासिल किया है। इस सूचना पर उप-मुख्यमंत्री केशव मौर्या ने जांच के आदेश दिये और जांच में शिकायतकर्ता की बातें सच साबित हुई। इसके बाद केशव मौर्या के निर्देश पर एटा, कासगंज, फीरोजाबाद और आगरा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पहली बार एसआईटी जांच के निर्देश दिए गए।

शनिवार को उप-मुख्यमंत्री केशव मौर्या के निर्देश पर प्रमुख सचिव पीडब्लूडी ने प्रमुख सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक नोटिस भेज कर जांच रिपोर्ट को जल्द से जल्द प्रस्तुत किये जाने के सम्बन्ध में जानकारी दी है।
बता दें कि एटा जिले के आगरा चुंगी का रहने वाला प्रभात कुमार ‘ए’ श्रेणी का ठेकेदार है। प्रभात का नाम कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में तब चर्चा में आया, जब कासगंज के अधिशासी अभियंता द्वारा कर्मचारी को बैंक भेजकर बैंक ऑफ इंडिया की कासगंज और फिरोजाबाद शाखा से एफडीआर का सत्यापन कराया। तभी यह एफडीआर फर्जी निकले थे। प्रभात कुमार का सम्बन्ध समाजवादी पार्टी की सरकार में मंत्रियों, विधायकों और नेताओं से रहे हैं।