20 प्रतिशत परिणाम वाले स्कूलों के स्टाफ पर कार्रवाई करेगी पंजाब सरकार

चंडीगढ़। पंजाब में पिछले दिनों स्कूल शिक्षा बोर्ड के 12वीं कक्षा के खराब रिज्लट को लेकर राज्य मंत्री अरूण चौधरी ने गंभीर कदम उठाएं हैं। क्योंकि इस बार पंजाब के परिक्षा परिणाम में भारी गिरावट आई है। राज्य मंत्री ने कम परिणाम वाले स्कूल स्टाफ पर कार्रवाई के आदेश शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को दिए हैं। मंत्री ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि कैप्टन सरकार राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षा स्तर को सुधार कर इनमें पढऩे वाले आम घरों के बच्चों को भारी फीसों वाले निजी स्कूलों के मुकाबले खड़ा करने के लिए वचनबद्ध है।


बता दें कि शिक्षा मंत्री ने कहा कि 12वीं के परिणाम में गिरावट चिंता का विषय है और इसके लिए जवाबदेही तय करना जरूरी है। 12वीं के परिणामों में 62 स्कूल ऐसे हैं जिनका परिणाम 20 प्रतिशत से भी कम है। इन सभी स्कूलों के प्रिंसीपलों और अध्यापकों का तबादला किया जाएगा। 122 स्कूल ऐसे भी हैं जिनके परिणाम 90 प्रतिशत से अधिक आए हैं। इन स्कूलों के स्टाफ को विशेष तौर पर सम्मानित किया जाएगा।

साथ ही उन्होंने कहा कि कम और स्कूल में अच्छे परिणाम की पूरी जानकारी जुटाकर विभाग के अधिकारियों को अच्छे और बुरे परिणाम वाले स्कूलों के स्टाफ मैंबर की सूची तैयार करने की हिदायत दी गई है ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।