कांग्रेस विधायकों का धरना, सीएम के प्रस्ताव को किया अस्वीकार

चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में कांग्रेस विधायको के जारी धरना प्रदर्शन ने आज मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को उनकी सुनने पर मजबूर कर दिया। कांग्रेस ने मंगलवार को भी धरना जारी रखा जिसके चलते मुखमंत्री दोपहर को विधानसभा पहुंचे। विधानसभा पहुंच कर मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस विधायकों से जिद त्याग कर वार्ता के द्वारा मामले को सुलझाने की अपील की लेकिन विधायकों ने उनकी बात को अनसुना कर दिया। आपको बता दें कि अपनी मांगों को लेकर कांग्रेस के 30 विधायक कल रात से ही धरने पर बैठें हुए हैं, इनमें 4 महिलाएं भी शामिल है।

pujab-congess

मंगलवार को जब विधायकों को मनाने मंख्यमंत्री पहुंचे तो उन्होने नेता प्रतिपक्ष चरणजीत सिंह चन्नी से धरना खत्म करने की अपील की जिसे उन्होने स्वीकार नहीं किया और पूछा कि आप धरना खत्म करने के लिए क्या प्रस्ताव लेकर आए है? इस पर बादल ने कहा कि वह स्पीकर के साथ बैठकर मुद्दे सुलझाएं, लेकिन कांग्रेसी टस से मस नहीं हुए। बादल ने कहा कि यह स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा नहीं है। इसके बाद बादल वहां से चले गए।

गौरतलब है कि पंजाब विधानसभा के गत रात्रि से धरने पर बैठे कांग्रेस के आधे दर्जन विधायक जब मंगलवार सुबह नित्यकर्म के लिए अपने घर गए और फिर दोबारा विधानसभा के भीतर दाखिल होने लगे तो उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। इससे गुस्साए विधायकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार की पुतला फूंका। इसके बाद विधान सभा के निकट स्थित हाईकोर्ट चौक पर धरने पर बैठ गए। वहीं, कुछ विधायक अभी भी विधानसभा के अंदर धरने पर डटे हैं।

क्या है मामला- कांग्रेस विधायकों का यह धरना प्रदर्शन अविश्वास प्रस्ताव गिरने से है जिसके चलते खफा कांग्रेस विधायकों ने गत रात सदन में डेरा जमा दिया और दोबारा बहस की मांग कर रहे थे। विपक्ष के नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि जब तक दोबारा बहस नहीं होती वह डटे रहेंगे। इनमें से कुछ विधायक सुबह नित्य कर्म के लिए घर गए हुए थे। जब वह लौटे तो उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया। इस बीच, विधानसभा के अंदर धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक संगत सिंह गिलजियां का शुगर लेबल बढ़ने के कारण इन्सुलिन भेजी गई।