ट्रांसफार्मर क्रय मामलाः पिटकुल ने 4 इंजीनियरों को किया निलंबित

देहरादून। नई सरकार बनने के बाद एक के बाद एक प्रदेश में अधिकारियों पर गाज गिर रही है। ताजा मामला पावर ट्रांसमिशन कार्पोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड का है। जहां पर गुणवत्ता पर खरे ना उतरने वाले ट्रांसफार्मर खरीदने के मामले में प्रबंध निदेशक ने मुख्य अभियंता समेत चार इंजीनियरों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। जबकि इसी मामले में एक मुख्य अभियंता का तबादला कर दिया गया है।

कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले समय में और भी कागजात खंगाले जा सकते हैं जिसके बाद और भी अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।पिटकुल के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि साल 2015 में आइएमपी कंपनी से झाझरा सब स्टेशन के लिए 80 एमवीए (मेगा वोल्ट एम्पीयर) के ट्रांसफार्मर की खरीदे गिए थे, जिसकी कीमत का आंकलन 5 करोड़ बताया जा रहा है। मई में ये ट्रांसफार्मर लगाने की कोशिश की गई तो पता चला ये सब खराब है।

खराब ट्रांसफार्मर को वापस भेज गए और जब दोबारा इन्हें ठीक करके भेजा गया तो ये क्षमता के अनुरूप लोड नहीं ले पा रहे थे। आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि पहली नजर में देखने से पता चलता है कि ये इस मामले में अधिकारियों ने लापरवाही बरती है। मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए परिणाम आने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा।

किसे दिखाया गया बाहर का रास्ता

पिटकुल द्वारा जारी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मुख्य अभियंता (परिचालन एवं अनुरक्षण) अजय अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता (परिचालन एवं अनुरक्षण) राजेश गुप्ता, अधीक्षण अभियंता (400 केवी ऋषिकेश परिमंडल) राकेश कुमार, अधिशासी अभियंता (संबद्ध) लक्ष्मी प्रसाद पुरोहित को निलंबित किया गया है।