पिता के खाकी वर्दी के आड़ में बेटे कर रहे मुहल्ले मे छेड़खानी

मेरठ। अखिलेश सरकार में लगातार कानून व्यवस्था सवाल खड़े हो रहे है, लेकिन अधिकारियों को शायद हाकिम की बात की कोई परवाह नहीं है, तब तो औरो की रक्षा का जिम्मा लेने वाली खाकी खुद आज सवालों के घेरे में खडी है, मामला मेरठ के थाना टीपी नगर क्षेत्र के देवलोक कलोनी में रहने वाले सिपाही जगपाल के तीन दबंग पुत्रों का है। आरोप है सिपाही के तीनों बेटे पडोस की रहने वाली युवतियों को परेशान करते है, जिसके चलते छात्राओं ने कॉलेज भी छोड दिया, लेकिन पुलिस इस मामले में न तो कुछ कर रहीं है, और न ही कुछ बोलने के लिए तैयार ही है।

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बताया जाता है, थाना ट्रांसपोर्टनगर क्षेत्र के देवलोक कॉलोंनी में जगपाल सिपाही जो कि नौचंदी थाने में तैनात है, अपने परिवार के साथ रहता है, जगपाल के तीन बेटे विकास, अंकुर और अनुज है जिनपर कॉलोनी की छात्रा को छेडने का आरोप है, इस बात की कई बार शिकयत की गई, लेकिन मामला सिपाही के बेटों से जुडा होने के चलते  आज तक भी पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है। मजबूरन पडोस की ही छात्रओं ने कॉलेज जाना तक छोड दिया, इस मामले में पीडितो ने थाने से लेकर सभी अधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगाई है, लेकिन अफसोस अभी तक भी पुलिस ने मामले में कुछ नहीं किया।

एसएसपी मेरठ ने शिकायत के बाद जांच के आदेश तो कर दिए थे, लेकिन थाना पुलिस ने अभी तक भी पीडितों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की है। इस मामले में  एसएसपी मेरठ जे रविन्द्र गौड़ से बात करने की कोशिश की गई तो एसएसपी ने इस मामले को इतना हल्के में लिया कि मामले में कुछ न होने की बात कहकर बाईट देने से इंकार कर दिया।

सूत्रो के हवाले से पता चला है कि तीनों दबंगों से एक ही परिवार नहीं बल्कि कॉलोंनी के अधिकतर परिवार परेशान है, लोगों ने इन तीनों से बचने के लिए अपने घरों और घरों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए है, जिससे इनकी हरकते कैद हो सके, और उनकी शिकायत पुलिस को सबूत के साथ दी जा सके, लेकिन मामला यूपी पुलिस के सिपाही के तीन बेटों का है, तो पुलिस भी इस मामले में बैक फुट पर ही जाने को मजबूर है। अब सवाल यही कि सीएम अखिलेश यादव के आदेशों के बाद भी अधिकारी इन तीनों दबंगो के खिलाफ कार्यवाही कर कोई संदेश देने की कौशिश क्यू नहीं कर रहे है?

rahul-gupta-meerut-reporter(राहुल गुप्ता, संवाददाता)