जीएसटी के विरोध में कपड़ा व्यापारियों ने तीन दिन तक बंद किया व्यापार

 

वाराणसी। बनारस वस्त्र उद्योग के आह्वान पर वस्तु और सेवा कर विधेयक (जीएसटी) के विरोध में कपड़ा कारोबारियों और बुनकरों का मंगलवार से तीन दिवसीय बंद शुरू हो गया। व्यापारियों ने प्रदर्शन करते हुए जीएसटी के विरोध में जमकर नारेबाजी की। कपड़ा व्यपारियों ने जीएसटी का विरोध करते हुए तीन दिन तक व्यपार बंद करने का ऐलान किया है। व्यपारियों का कहना है कि कपड़ा उद्दोग के लिए लिया गया फैसला कपड़ी व्यपारियों के लिए सही नहीं है। जिसे लेकर वो विरोध कर रहे हैं।

 

बता दें कि मंगलवार को जरी और काशी कलाबत्तू कुटीर उद्योग मंडल से जुड़े व्यापारियों ने जीएसटी के विरोध में दुकानें बंद रखीं। वहीं बनारसी साड़ी डीलर एसोसिएशन और बनारसी वस्त्र उद्योग के तत्वावधान में व्यापारी नेता जगदीश दास शाह, हाजी ओबैदुररहमान और राजन बहल के नेतृत्व में चौक क्षेत्र में जुलूस निकाला। बंद का असर लक्खी चौतरा, चौक, गोलघर और बांसफाटक में देखा गया, लेकिन कई जगह साड़ी की गद्दी खुली देखी गई। वहीं दालमंडी और मुस्लिम बहुल क्षेत्र में ईद के चलते दुकानें और साड़ी की गद्दी बंद रहीं। इसके अलावा सिल्क ट्रेड एसोसिएशन से जुड़े कारोबारियों ने भी बंद का समर्थन किया।

वहीं व्यापारी नेता राजन बहल ने बताया कि आजादी के बाद पहली बार कपड़े पर कर लगाने के विरोध में यह निर्णय लिया गया है। उनके अनुसार, रेशम व्यापारी भी दुकानें बंद कर हड़ताल में शामिल हैं। वहीं कलाबत्तू कुटीर उद्योग मंडल के अध्यक्ष श्याम सुंदर जायसवाल ने बंद को सफल बताते हुए दावा किया कि 29 जून तक जीएसटी के विरोध में सभी व्यापारी अपनी दुकानें और कारखाने बंद रखेंगे और साथ ही जीएसटी को लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।