साइबर अपराध करने वाले अपराधियों की अब खैर नहीं

नई दिल्ली। मोबाइल से हैक करके साइबर अपराध करने वाले अपराधियों की अब खैर नहीं। क्योकि अब दिल्ली पुलिस इस्राइली सॉफ्टवेयर ‘यूएफईडी’ व ऑस्ट्रेलियन सॉफ्टवेयर ‘ऑक्सीजन’ की मदद से साइबर अपराधियों पर नजर रखेगी। दोनों सॉफ्टवेयर मोबाइल से होने वाली ऑनलाइन छेड़छाड़ को ट्रैक कर उसका लॉक तोड़ने में काफी सक्षम हैं। दिल्ली पुलिस देश की पहली एजेंसी है, जो इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करेगी।

यह सॉफ्टवेयर सिर्फ मानक पर आधारित कम्यूनिकेशन सिस्टम एंड्रायड, ¨वडोज, आईओएस, सिमपीयन व फायरफॉक्स के ही मोबाइल फोन नहीं, बल्कि लोकल कम्यूनिकेशन सिस्टम पर अधारित चीन के ‘चाइनेक्स’ जैसे मोबाइल फोन की जांच करने में भी कर सकती है। इसकी मदद से मोबाइल फोन के 22,000 मॉडल पर पुलिस नजर रख सकेगी। साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए दिल्ली पुलिस की साइबर सेल तेज रफ्तार से काम करने वाले ‘हार्ड डिस्क इमेजिंग सिस्टम’ और हाई स्पीड प्रोसेसिंग सिस्टम से भी लैस हो गई है।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, क्लाउड तकनीक पर काम करने वाली कंपनी वर्चुअल स्पेस मुहैया कराती है। यहां सेव डाटा सिर्फ ‘क्लाउड सर्विस’ मुहैया कराने वाली कंपनी जैसे गूगल व माइक्रोसॉफ्ट ही ऐक्सेस कर सकती हैं। इसके डाटा को लेना एजेंसी के लिए संभव नहीं है। क्योंकि अब तक ऐसा कोई सॉफ्टवेयर नहीं आया था, जिससे साइबर अपराधियों द्वारा सेव किए गए डाटा को लिया जा सके।

इन दोनों सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने से पुलिस उन शातिर साइबर अपराधियों तक आसानी से पहुंच जाएगी, जो एक तरह से महिलाओं व युवतियों के साथ ‘ऑनलाइन स्टॉकिंग’ करते हैं। इतना ही नहीं महिला की अश्लील फोटो बनाकर उसे सोशल साइट पर अपलोड करना या फिर उसका इस्तेमाल कर महिलाओं को परेशान करने वालों को भी पकड़ने में आसानी होगी। वरिष्ठ अधिकारी की माने तो अधिक्तर मामलों में शिकायत होने पर आरोपी अमूमन अपने फोन से इस तरह का डाटा डिलीट कर देते हैं लेकिन इन दोनों सॉफ्टवेयर से डिलीट डाटा को हासिल किया जा सकेगा।