कट्टरपंथ से निपटने के साधन मुहैया कराते हैं भारत व इंडोनेशिया: राष्ट्रपति

नई दिल्ली| राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि भारत और इंडोनेशिया कट्टरपंथ और असहिष्णुता के खिलाफ बचाव के साधन मुहैया कराते हैं। भारत दौरे पर आए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो और उनकी पत्नी इरियाना का यहां राष्ट्रपति भवन में स्वागत करते हुए मुखर्जी ने यह बात कही।उन्होंने कहा कि हम भारत और इंडोनेशिया को दो देश के रूप में कट्टरपंथ और असहिष्णुता के खिलाफ बचाव मुहैया कराते हुए देखते हैं। भारत, इंडोनेशिया के साथ सुरक्षा की इन समान चिंताओं और अंतर्राष्ट्रीय खतरों के निवारण में अपने सहयोग को महत्व देता है।

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उन्होंने कहा कि भारत, इंडोनेशिया के साथ आर्थिक, समुद्री और हवाई संबंधों और परस्पर बढ़ते निवेश की पूरी क्षमता को हासिल करने के लिए काम करने की उम्मीद कर रहा है। इंडोनेशिया द्वीप समूह के ‘समुद्री आधार दृष्टि’ में योगदान करके भारत को खुशी होगी। इसके फलस्वरूप भारतीय प्रशांत महासागरीय क्षेत्र की सुरक्षा भी होगी।

एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस (आसियान) में इंडोनेशिया सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और भारत का इस क्षेत्र का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है। इसका उल्लेख करते हुए मुखर्जी ने कहा कि पिछले साल द्विपक्षीय व्यापार करीब 16 अरब डॉलर का हुआ। उन्होंने कहा कि दोनों देश औपनिवेशिक शासन से आजादी के लिए संघर्ष का अनुभव साझा करते हैं