शिवंश खाद बनाने पर दी प्रेजेंटेशन

देहरादून। देशी खाद से जहां बेहतर उपज प्राप्त होगी, वहीं इसमें किसानों का व्यय भी कम होगा। शनिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के समक्ष हंस फाउण्डेशन द्वारा मुख्यमंत्री आवास में शिंवश खाद बनाने एवं उसके प्रयोग से खेती को होने वाले फायदे से सम्बन्धित प्रस्तुतीकरण दिया गया।इस मौके पर मुख्यमंत्री ने शिवंश खाद बनाने की विधि को सरल एवं कम समय में तैयार होने वाली देसी खाद बताया।

shiwon manure uttrakhand
shiwon manure uttrakhand

उन्होंने कहा कि देसी विधि से खाद तैयार करने से किसानों की खेती के लिये यूरिया एवं महगें रसायनों की निर्भरता कम होगी तथा पानी की भी खपत कम होगी। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि शिवंश खाद बनाने के लिए कृषकों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि कृषकों को खेती के आधुनिक तरीकों के प्रयोग के लिए भी जागरूक किया जाना जरूरी है। कृषकों को उत्पादकता बढ़ाने के लिए अधिक पैदावार वाली किस्मों की जानकारी एवं जैविक कृषि को बढ़ावा दिये जाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाए। हंस फाउण्डेशन के प्रतिनिधि ने जानकारी दी कि शिवंश खाद 18 दिन में बनकर तैयार हो जाती है।

बता दें कि इस खाद को किसान स्वयं तैयार कर आमदनी को 10 गुना तक बढ़ा सकते हैं। इस जैवीय खाद का प्रयोग कर कृषि उपज में 15 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि की जा सकती है। इस खाद का प्रयोग करने में सिंचाई के लिए कम पानी की आवश्यकता पड़ती है। इस खाद को बनाने के लिए तीन प्रकार की सामग्री की आवश्यकता है। जिसमें सूखी, हरी पत्तिया आदि एवं गोबर के सही अनुपात में मिश्रण से यह खाद बनाई जाती है। इस खाद में फसलों के लिये सभी आवश्यक पोषण तत्व मिल सकते हैं।

वहीं प्रस्तुतिकरण के दौरान कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों को शिवंश खाद के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि इस खाद को बनाने की विधियों की तकनीकि कृषकों को उपलब्ध करा सके। इस अवसर पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, अपर सचिव डॉ.मेहरबान सिंह बिष्ट, कृषि निदेशक गौरी शंकर, हंस फाउण्डेशन के श्री ललित कुमार अधिकारी, विनोद कुमार एवं सभी जनपदों के मुख्य कृषि अधिकारी एवं उद्यान अधिकारी उपस्थित थे।