प्रद्युम्न मर्डर केस : कुकर्म की कोशिश.. नाकामी… फिर साजिश और हत्या

नई दिल्ली। जब शिक्षा के मंदिर में ही घिनौनी वारदात हो तो इंसान की रूह कांप जाती है। ये वारदात जब किसी नामी गिरामी स्कूल में हो तो मामला कुछ ज्यादा ही हाई प्रोफाइल बन जाता है। बीते शुक्रवार को गुरुग्राम स्थिन नामीगिरामी स्कूल रियॉन इन्टरनेशनल स्कूल में दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। स्कूल प्रशासन ने पहले कहा कि बच्चा स्कूल को टॉयलेट में गिर गया जिससे उसके गले पर चोट लग गई लेकिन डॉक्टरी परीक्षण के बाद साफ हुआ कि चोट गिरने से नहीं बल्कि गला रेतने की है।

विद्यालय प्रबंधन के साथ पुलिस ने की पूछताछ
दिल्ली एनसीआर के नामी स्कूल रियान इंटरनेशनल में हुई इस वारदात के बाद पुलिस ने विद्यालय प्रबंधन के साथ वहां मौजूद सभी स्टॉफ के साथ पूछताछ करते हुए । स्कूल की सीसीटीबी फुटेज कब्जे में ले ली। इसके साथ ही पुलिस आखिरकार इस पूरे मामले में अहम सबूतों को तलाश कर हत्या के कारण और हत्या की साजिश के ऊपर से वास्तविक साक्ष्यों को ढूंढने की कोशिश कर रही है। इस मामले में अभिभवकों को कहना है कि स्कूल प्रशासन की अंदेखी के चलते ये वारदात हुई है। कोई भी ड्राइवर या बाहरी शख्स कैसे विद्यालय के टॉयलेट तक पहुंच गया। आरोपियों के कबूलनामे पर पीड़ित परिवार के साथ अभिभावकों को यकीन नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि दाल में कुछ काला है। विद्यालय प्रबंध इस मामले को दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश कर पर्दा डाल कर बचने का प्रयास कर रहा है। अभिभावकों का कहना है कि पुलिस की कार्य प्रणाली निष्पक्ष नहीं रही है। अभी तक विद्यालय प्रबंधन और प्रिसिंपल के खिलाफ पुलिस ने लापरवाही का कोई केस दर्ज नहीं किया है।

पुलिसिया जांच में तुरंत मिले अहम सूबत
जिसके बाद परिजनों के साथ अन्य अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन और पुलिस प्रशासन का जमकर घेराव किया। इस मामले में पुलिस ने एक्शन दिखाते हुए मामले की तुरंत जांच शुरू कर दी। सबसे पहले घटना स्थल का निरीक्षण करने के दौरान पुलिस को अहम सबूतों के तौर पर हत्या में प्रयुक्त हथियार चाकू मिला। जिसके बाद ये और साफ हो गया कि चाकू से गला रेत की प्रद्युम्न की हत्या की गई है। इस मामले में अभिवावकों ने पुलिस प्रशासन को तुरंत स्कूल प्रशासन पर कार्रवाई करने के लिए आमरण अनशन की चेतावनी दी। जांच के दौरान पुलिस ने जब टॉयलेट ने को देखा तो खून-खून बिखरा हुआ मिला। जिसके पास ही पुलिस को टॉयलेट से चाकू भी मिला। पुलिस ने सीसीटीबी की फुटेल खंगालनी शुरू की जिसके आधार पर स्कूल बस के ड्राइवर और कंडेक्टर के साथ एक अन्य को गिरफ्तार कर लिया। इन तीनों से जब सख्ती से पूछताछ हुई तो इन्होने साफ किया कि हत्या कुकर्म का असफल प्रयास होने के बाद की गई है।

पुलिसिया जांच और स्कूल प्रशासन
इस मामले में पीड़ित अभिभावक का कहना है कि सुबह 8 बजे के करीब स्कूल प्रशासन की ओर से उन्हे फोन पर उनके बेटे की तबियत खराब होने की सूचना दी गई। लेकिन जब बच्चे को देखा तो साफ संकेत थे कि वाकिया कुछ अलग हुआ है। पुलिस ने मृतक के गले के निशान देखने के बाद लाश को पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिया। इसके बाद हालात को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी। इस मामले में गुड़गांव के डीसीपी सिमरदीप सिंह ने इस मामले में गहन जांच के बाद जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी कंडक्टर अशोक ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस की माने तो आरोपी ने हत्या से पहले बच्चे के साथ कुकर्म की नाकाम कोशिश की जब बच्चे ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसे मार डाला। आरोपी स्कूल में पिछले 8 महीने से काम कर रहा था। फिलहाल मृतक प्रद्युम्न के परिवार के सदस्य पुलिस की कार्यशैली पर संदेह जता रहे हैं। स्कूल प्रशासन की नाकामी को छिपाने का आरोप भी पुलिस पर लगातार लगाया जा रहा है।

अजस्र पीयूष