प्रद्युम्न हत्याकांडः जब एक मासूम की हत्या से सकते में आ गया था देश

नई दिल्ली। बच्चे मन के सच्चे होते हैं। उनकी शरारत पर कितना भी गुस्सा आ जाए कुछ देर बाद सारी नाराजगी दूर हो ही जाती है। ऐसे में क्या कल्पना की जा सकती है कि एक मासूम बच्चे को इतनी बेरहमी से मार दिया जाएगा वो भी बिना किसी कसूर के। साल 2017 साक्षी बना ऐसी ही एक बच्चे की बेरहम मौत का जिसे उसके स्कूल में ही मौत के घाट उतार दिया गया।

गुरुग्राम में स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल में प्रद्युमन रोज की तरह ही अपने स्कूल गया। उसके पिता ने उसे स्कूल के बाहर छोड़ा और वापस काम पर निकल गए। जाने से पहल वो भी नहीं जानते होंगे की आज वो आखिरी बार अपने कलेजे के टुकड़े को देख रहें हैं। 8 सिंतबर को प्रद्युमन जब स्कूल गया तो कुछ वक्त बाद उसकी हत्या कर दी गई। बच्चा उस वक्त टॉयलेट में था और वहीं उसकी बेरहमी से गला काट कर हत्या कर दी गई। उसकी मौत के बाद उसका शव टॉयलेट में ही पाया गया।

 

हत्या के बाद सबसे पहले बस कंडक्टर अशोक कुमार को पकड़ लिया गया और उसने अपना जुर्म भी कुबूल कर लिया गया। उसके जुर्म मानते ही हर जगह ये बात साफ हो गई कि उसने ही मासूम की हत्या की। इसके बावजुद भी किसी को ये नहीं समझ में आ रहा था कि एक मासूम से कंडक्टर की क्या दुश्मनी हो सकती है। खबर आई कि कंडक्टर ने हत्या इसलिए की क्योंकि प्रद्युमन जब वाशरुम में आया था तो कंडक्टर गंदा काम कर रहा था। बच्चे को देखते ही वो उसे अपनी ओर खींचने लगा। जब प्रद्युमन ने शोर मचाना शुरु किया तो उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।

लोगों ने मान लिया और अफसोस जताने लगे, लेकिन प्रद्युमन के मां-बाप को यकीन नहीं हुआ अशोक ऐसा कर सकता है। स्कूल पर सवाल उठाए गए और सीबीआई को शामिल किए जाने की बात उठी। वरुण ठाकुर बच्चे के पिता का शक सही निकला और प्रद्युमन के हत्याकांड में एक नया मोड़ सामने आया।

सीबीआई ने अपनी जांच में पाया है कि प्रद्युम्न की हत्या 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक स्टूडेंट ने परीक्षा को टालने के उद्देश्य से की थी। इस मामले में प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने सीबीआई जांच से फिलहाल संतुष्टि जताई है और उन्होंने भी मान लिया है कि उनके बेटे की हत्या 11वीं कक्षा के छात्र ने ही की है।

इस मामले में अब आरोपी 11वीं के छात्र को 3 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया। सीबीआई ने बताया कि उसने 11 वीं छात्र को गिरफ्तार किया है जिसने दूसरी क्लास के प्रद्युम्न को सिर्फ इसलिए मार दिया क्योंकि वह चाहता था कि किसी तरह परीक्षाएं टल जाए। सीबीआई ने दावा किया है कि इस हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए ड्राइवर और कंडक्टर का कोई हाथ नहीं है और न यह यौन शोषण का मामला है। वहीं छात्र की गिरफ्तारी की सूचना प्रद्युम्न के परिजनों को भी दे दी गई है।

आरोपी छात्र ने बोर्ड को बताया कि 8 सितंबर को स्‍कूल पहुंचने के उसने क्‍लासरूम में अपना बैग रखा। बैग से चाकू निकालकर ग्राउंड फ्लोर पर आया। यह चाकू छात्र ने सोहना बाजार से खरीदा था। ग्राउंड फ्लोर पर उसने प्रद्युम्‍न को देखा और एक मदद मांग कर उसको साथ टॉयलेट में चलने को कहा।

प्रद्युम्‍न छात्र को पहले से जानता था, इसलिए वह आराम से उसके साथ चला गया। टॉयलेट में पहुंचते ही आरोपी छात्र ने प्रद्युम्‍न को चाकू मारा। चाकू लगने से प्रद्युम्‍न को खून की उल्‍टी हुई, जिससे वह चाकू पर ही गिर गया। जिसकी वजह से उसकी गर्दन पर गहरा घाव हो गया था और उसकी आवाज चली गई थी। अभी भी आरोपी छात्र को गिरफ्तार ही रखा गया है और उसके ऊपर कार्यवाही नाबालिग की तरह नहीं बल्कि बालिग की तरह होगी।