छपरा के प्रभाकर को अमेरिका में मिला फर्स्ट इंडियन एक्टर का अवार्ड

छपरा। सारण जिले के अमनौर निवासी हॉलीवुड एक्टर प्रभाकर शरण को प्रथम भारतीय एक्टर का आवार्ड दिया गया है। प्रभाकर ऐसे पहले भारतीय एक्टर हैं जिन्होने लैटिन अमेरिका में ‘इनरेदादोस: ला कन्फ्यूजन’ फिल्म में मुख्य अभिनेता के रूप में काम किया है। उन्हें यह एवार्ड मिसेज इंडिया 2017 प्रतियोगिता के दौरान दिया गया जहां वे जज के रूप में शामिल हुए थे।

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प्रभाकर ने कहा ‘छपरा से कोस्टारिका का सफर मेरे लिए काफी मुश्किल रहा। मुझे याद है कि 10वीं तक की पढ़ाई छपरा से करने के बाद पटना में अपने माता-पिता के साथ आ गया | वहां से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद सोनीपत में एडमिशन कराया। सोनीपत में मैंने रेसलिंग सीखी और वहां अखाड़ों में जाता था, कुश्ती लड़ता था। फिर मैं अपने दोस्त राकेश से मिला जिसने मुझे विदेश में पढ़ाई का सुझाव दिया। कोस्टारिका में जाकर मुझे काफी दिक्कत हुई।

खाने से लेकर काम करने तक, हर चीज में दिक्कतें आईं। कई बार वापस लौटने का भी सोचा, लेकिन घरवालों के सपनों को तोड़ना नहीं चाहता था। मैंने कमाई के लिए भारत की मिट्ठी का सहारा लिया और वहां से 100 रुपये में मिट्टी मंगाकर यहां 1000 रुपये में बेचने लगा। धीरे-धीरे कारोबार बढ़ा और अपने कई स्टोर खोले। बिजनेस तो जम गया, लेकिन मेरा सपना था बॉलीवुड में चमकने का, तो धीरे-धीरे बॉलीवुड की फिल्में खरीदनी शुरू की। मैंने पहली बॉलीवुड की फिल्म यहां रिलीज कराई, हालांकि इससे कोई फायदा नहीं होता था बल्कि नुकसान ज्यादा होता था।’

प्रभाकर ने बताया कि मेरे पिता प्रभुनाथ शरण और मां शुभद्रा प्रसाद रिटायर्ड बैंकर हैं। फिलहाल, वे मोतिहारी में रहते हैं। प्रभाकर ने बताया कि कोस्टारिका में सफलता नहीं मिलने के बाद आर्थिक समस्या होने लगी जिसके बाद वे भारत लौटने पर मजबूर हो गए। 2010 से चार साल तक पंचकूला में रहे। इस दौरान उनकी पत्नी उनसे अलग हो गईं और अपनी बेटी को लेकर वापस कोस्टारिका चली गईं। प्रभाकर ने बहुत तनाव का सामना किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और वे दोबारा कोस्टारिका लौट गए।

प्रभाकर ने बताया कि लैटिन अमेरिका में हॉलीवुड फिल्म ‘इनरेदादोस : ला कन्फ्यूजन’ उनकी पहली फिल्म है। यह फिल्म इसी साल नौ फरवरी को रिलीज हुई थी जिसमें वे लीड रोल में रहे। ये फिल्म अमेरिका समेत 14 देशों में रिलीज हुई थी। फिल्म के डायरेक्टर आशीष मोहन हैं जिन्होंने 2012 में आई अक्षय कुमार की फिल्म ‘खिलाड़ी 786’ का डायरेक्शन किया था। फिल्म का निर्माण कोस्टारिका की टेरेसा रॉड्रिग्स ने किया था।

प्रभाकर ने बताया कि ‘इनरेदादोस: ला कन्फ्यूजन’ की सफलता के बाद उन्होंने फिल्म को ‘एक चोर दो मस्तीखोर’ नाम से हिंदी और भोजपुरी में डब कराया है जो बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत पूरे देश में प्रदर्शित होने वाली है। उन्होंने बताया कि यह फिल्म आम बॉलीवुड मसाला फिल्मों से काफी अलग है। यह बॉलीवुड अंदाज में बनाई जा रही अपनी किस्‍म की कोस्‍टारिका की पहली फिल्‍म है। फिल्म के निर्माण में पनामा, कोलंबिया और अर्जेटीना के लोगों का भी योगदान है। अब उनकी योजना मेक्सिकन अभिनेत्री बारबरा मोरी के साथ भी फिल्म करने की है।