लड़कियों के लिए स्पेशल राखी बनाकर सकारात्मक सोच को दिया बढ़ावा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में रक्षाबंधन के अवसर पर लड़कियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच को और भी ज्यादा बढ़ावा देने के लिए राजधानी रायपुर के नजदीक माना कैंप स्थित शासकीय बाल गृह लड़कियों द्वारा विशेष कलात्मक राखी तैयार की गई है, जिसमें बेटियों की रक्षा के लिए समाज को ‘बेटी है तो कल है’ का सार्थक संदेश दिया गया है।

संस्था महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इन लड़कियों के इस रचनात्मक प्रयास की प्रशंसा की है।

rakhi girls

महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री रमशिला साहू ने अपने विभाग की ओर से मुख्यमंत्री सहित प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों, प्रदेश के सभी सांसदों और विधायकों को अपने पत्र के साथ शासकीय बाल गृह की लड़कियों की ओर से यह विशेष राखी भेजी है। इसी कड़ी में महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव सोनमणि बोरा ने भी अपने पत्र के साथ मुख्य सचिव तथा अपर मुख्य सचिवों सहित प्रदेश सरकार के सभी प्रमुख सचिवों को यह विशेष राखी भेजकर इन लड़कियों को प्रोत्साहन देने का अनुरोध किया है।

इसके साथ ही सोनमणि बोरा ने सभी 27 जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को भी यह राखी भेजी है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में एक हजार लड़को की तुलना में केवल 969 लड़कियां हैं। शहरी क्षेत्रों में यह अनुपात 932 और ग्रामीण क्षेत्रों 972 है।

इस लिंग अनुपात को देखकर ये कहा जा सकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में बच्चों का लिंगानुपात तेजी से कम हुआ है। इसलिए यह बहुत आवश्यक है कि इस सामाजिक संकट के प्रति समाज को संवेदनशील बनाया जाए।

पत्र में कहा गया है कि लड़को-लड़कियों के लिंगानुपात में सुधार लाने, लड़कियों की शिक्षा सुनिश्चित करने, उन्हें सुनहरा भविष्य देने के लिए शासन द्वारा ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, ‘नोनी सुरक्षा योजना’, ‘सुकन्या समृद्धि योजना’, ‘किशोरी शक्ति और सबला योजना’ आदि योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

लड़कियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ाने तथा उनकी रक्षा के लिए सामाजिक संदेश देने शासकीय बाल गृह (माना कैंप) रायपुर की लड़कियों द्वारा यह राखी तैयार की गई है। पत्र में सभी लोगों से रक्षाबंधन के पावन अवसर पर कन्या भ्रूणहत्या रोकने तथा लड़कियों और महिलाओं के प्रति हिंसा और भेद-भाव को समाप्त करने के संकल्प के रूप में इस राखी को बांधकर अभियान में सहयोग प्रदान करने की अपील की है।