थाने के अंदर आपस में भिड़े पुलिसकर्मी

कई शिकायतों के चलते भावनपुर थाने से लाइन हाजिर किए गए दरोगा प्रेमप्रकाश ने गुरुवार को अपना आपा खो दिया। उन्होंने थाने में मुंशी और एसआई के साथ गाली-गलौच करते हुए एसआई की पिटाई कर डाली। इसके बाद थाने में खड़ी दो गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। करीब आधा घंटा थाने में बवाल काटने के बाद आरोपी दरोगा किराए की कार में बैठकर फरार हो गए।

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दरअसल, बदायूं के इटावा दतई निवासी प्रेमप्रकाश को तत्कालीन एसएसपी जे रविन्द्र गौड़ ने गत 12 जून को भावनपुर थाने में पोस्टिंग दी थी। दरोगा प्रेमप्रकाश शुरू से ही विवादों में घिरे हुए थे। अब्दुल्लापुर में भाजपा नेता शौकत अली की शिकायत के बाद पकड़े गए अवैध कटान के आरोपियों को रिश्वत लेकर छोड़े जाने, एसएसपी मंजिल सैनी के निरीक्षण के दौरान कार्यवाहक एसओ होते हुए रात दो बजे थाने से गायब पाए जाने और तीन दिन पूर्व मुंशी नागेन्द्र के साथ मारपीट करने के मामले जैसी घटनाओं के चलते एसएसपी मंजिल सैनी ने मंगलवार को उन्हें लाइन हाजिर कर दिया था।

आरोप है कि गुरुवार दोपहर दरोगा प्रेमप्रकाश किराए की कार में थाने पहुंचा। उसने मुंशी नागेन्द्र से अपनी रवानगी दर्ज करने का विरोध करते हुए उसके साथ गाली-गलौच शुरू कर दी। थाने में मौजूद एसआई मुकेश कुमार ने विरोध किया तो उसने मुकेश की पिटाई कर डाली। जिसके चलते थाने में हंगामा खड़ा हो गया। इंस्पेक्टर से लेकर होमगार्डों तक ने आरोपी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह अपना आपा खो बैठे थे। उन्होंने डंडा उठाकर थाने में खड़ी एसआई मुकेश कुमार की कार और चालक शक्तिसिंह की कार के शीशे तोड़ डाले।

करीब आधा घंटा थाने में जमकर बवाल काटने के बाद आरोपी दरोगा कार में बैठकर फरार हो गया। जिसके बाद थाना प्रभारी मुकेश कुमार ने पूरे मामले की शिकायत एसएसपी मंजिल सैनी से की। एसएसपी के आदेश पर एसआई मुकेश कुमार ने आरोपी दरोगा के खिलाफ गंभीर धाराओं में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।