अपराध पर लगाम लगाना तो दूर पीड़ितों को इंसाफ तक नहीं दिलाती पुलिस

मेरठ। देश के सबसे बड़े सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद भी अपराध थमने का नाम ही नहीं ले रहा है बलकि बदमाशों के हौसले और बुलंद होते जा रहे हैं। आए दिन यहां लूट, हत्या, डकैती जैसी वारदातें सामने आती ही रहती है लेकिन पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने में नाकाम साबित हो रही है और तो और पुलिस पीड़ितों को इंसाफ तक नहीं दिला पाती जिस कारण पीड़ितों का तांता पुलिस स्टेशनों के बाहल आए दिन लगा रहता है। ऐसा ही एक नजारा मेरठ में पुलिस ऑफिस के बाहर देखा जा रहा है।

मेरठ में पांच दर्जन से ज्यादा ठाणे हैं जिनमें हर दिन सैकड़ों पीड़ित अपनी-अपनी गुहार लेकर आते हैं। लेकिन इस पीड़ितों को इंसाफ मिलना तो दूर, पुलिस इन्हें धक्के मारकर पुलिस स्टेशन के बाहर निकाल देती है। जिसके बाद मजबूर होकर पीड़ितों को पुलिस के आलाधिकारी का रुख करना पड़ता है। लेकिन यहां पहुंचकर पीड़ितों को कितना इंसाफ मिलता है ये इससे पता लगाया जा सकता है कि पीड़ित ऑफिस के बाहर अपना शिकायतपत्र फाड़ कर चले जाते हैं।

मंगलवार को भी पुलिस ऑफिस पर आम से लेकर खास लोग अपनी पीड़ा को लेकर पहुंचे, जिनमें डॉकटर से लेकर शिक्षक और नेशनल प्लेयर से लेकर जनता व जनता से लेकर पूर्व विधायक तक इंसाफ की मांग को लेकर एसएसपी दफ्तर पहुंचे। लेकिन इन लोगो में से कई ऐसे थे जो कई-कई बार पुलिस ऑफिस के चक्कर लगा चुके हैं। लेकिन कार्रवाई के नाम पर पुलिस कोई कदम उठाने को राजी नहीं होती है।

इस मामले में जब बीजेपी के मेरठ जिलाध्यक्ष से बात की गई तो वे सिर्फ पीछली सरकार पर ही निशाना साधते हुए नजर आते हैं। जब भी जिलाध्यक्ष से संबंधित मामले में बात की जाती है तो वे पुलिस को दिशा-निर्देश देने की बजाए पू्र्व की सरकार पर कई आरोप लगाते हैं लेकिन लोगों की समस्या का कुछ भी समाधान नहीं निकल पाता है।