कालेधन को लेकर भारत की मदद करेन को तैयार स्विट्जरलैंड

नई दिल्ली। स्विट्जरलैंड कालेधन को लेकर भारत की मदद करने के लिए तैयार है। कालेधन समेत पीएम मोदी और स्विट्जरलैंड की राष्ट्रपति डोरिस लिउथर्ड की मुलाकात के बाद कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। स्विट्जरलैंड और हमारे देश के बीच सूचनाओं के ऑटोमेटिक एक्सचेंज पर समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत 2019 से पहले कालेधन, विदेश में जमा पैसा और स्विट्जरलैंड में प्रॉपर्टी की खरीददारी से जुड़ी सूचनाओें की अदला बदली शुरू हो जाएगी। रेल हादसों से उबरने के लिए भी भारत स्विट्जरलैंड से मदद लेने जा रहा है।

Modi and Doris Leuthard
Modi and Doris Leuthard black many

बता दें कि स्विट्जरलैंड की राष्ट्रपति डोरिस लिउथर्ड बुधवार से तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं। डोरिस की इस यात्रा के दौरान भारत और स्विट्जरलैंड के बीच व्यापार और निवेश संबंधों में मजबूती लाने सहित द्विपक्षीय संबंधों को लेकर चर्चा हो रही है। स्विस राष्ट्रपति के साथ वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और स्विट्जरलैंड की बड़ी कंपनियों का कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। पिछले साल जून में स्विट्जरलैंड की यात्रा की थी। इस दौरान स्विट्जरलैंड ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की सदस्यता का समर्थन किया था। इसके अलावा काले धन के खिलाफ लड़ाई में सहयोग पर भी दोनों देश सहमत हुए थे। मोदी ने तब कहा था कि दोनों देशों के लिए काले धन जैसी बुराई से लड़ना साझी प्राथमिकता है। स्विट्जरलैंड के किसी राष्ट्रपति की यह चौथी भारत यात्रा है। स्विस राष्ट्रपतियों ने डोरिस की यात्रा से पहले 1998, 2003 और 2007 में भारत की यात्रा की है।