लालू के बाद कानून झमेले में फंसे तेजस्वी और तेजप्रताप!

पटना। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव आए दिन किसी ना किसी घोटले को लेकर सुर्खियों में बनें रहते हैं। चारा घोटाले का मामला खत्म भी नहीं हुआ था कि लालू मिट्टी घोटाले में फंस गए। लालू के कानूनी झमेले में फंसने के बाद अब उनके दोनों बेटे भी कुछ इसी तरह के मामलो में फंसने वाले हैं ऐसा लग रहा। दरअसल पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें कहा गया है कि लालू के दोनों बेटे तेजस्वी और तेजप्रताप यादव ने विधानसभा चुनावों के दौरान नामांकन भरते हुए अपनी संपत्ती का पूरा ब्यौरा नहीं दिया है।

सीबीआई जांच की मांग

पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए याचिकाकर्ता का कहना है कि चुनाव और निर्वाचन दोनों ही गलत हैं इसलिए इसे तत्कालीन प्रभाव से रद्द किया जाना चाहिए। इसके अलावा इस याचिका में तेजस्वी और तेजप्रताप दोनों ही नेताओं की बेनामी संपत्ति का खुलासा करने के लिए सीबीआई जांच की मांग की गई है।

याचिका के बारे में जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रधान अपर महाधिवक्ता ललित किशोर ने बताया कि तेजप्रताप और तेजस्वी के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गई है।

बिहार सरकार के मंत्री

गौरतलब है कि नीतीश कुमार की सरकार के दोबारा सत्ता में आने के बाद लालू के दोनों बेटों को मंत्री का कार्यभार सौंपा गया है। तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया गया है जबकि तेजप्रताप यादव को स्वास्थ्य मंत्री का कार्यभार सौंपा गया है।