ईडी ने दिल्ली के ज्वैलर्स समूह की 7 करोड़ रुपए की बैंक राशि की जब्त

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली के एक जौहरी की 7 करोड़ रुपए की मूल्य की विदेशी संपत्तियों के मूल्य के बराबर बैंकों में जमा राशि को जब्त कर लिया हैं। ईडी ने ये कार्रवार्ई पनामा दस्तावेज लीक मामले में विदेशी विनियम उल्लघंन के संबंध में की हैं। इस कारोबारी इकाई की पहचान मेहरासंस ज्वैलर्स के रुप में की हैं।

प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक एक बयान में कहा गया कि जब्त कोष मेहरासंस ज्वैलर्स के एके मेहरा, दीपक मेहरा, शालिनी मेहरा, नवीन मेहरा से जुड़े हुए हैं। ईडी ने कहा कि इन चार आरोपियों ने अन्य देशों में निवेश करने के बहाने उदारीकृत प्रेषण योजना या भारतीय रिजर्व बैंक के एलआरएस का दुरुपयोग कर कथित तौर पर भारत से नकदी विदेशों में जमा की थी। एलआरएस के तहत, लोग विशिष्ट मंजूरी के बिना विदेशों में कुछ विशेष प्रयोजनों के लिए धन भेज सकते हैं।

भारत के बाहर भेजी गई राशि को इन लोगों ने ब्याज मुक्त ऋृण के रुप में ब्रिटिश की दो कंपनियों के पास दिया गया था और बाद में इसे यूएई में एक कंपनी में स्थानांतरित कर दि.या गया था अधिकारियों ने बताया कि अभी भी इनका 10.54 करोड़ रुपया भारत के बाहर हैं मेहरासंस के दिल्ली में चार शोरुम हैं।

सूत्रों की मानें तो विदेशी विनियम प्रबंधन कानून फेमा हाल ही के बदलाव के बाद विदेशी संपत्तिया कुर्क करने का यह पहला मामला हैं। इस संसोधन के तहत ईडी को विदेश में जमा की गई अवैध संपत्तियों को कुर्क करने का अधिकार मिला हैं। सरकार ने फेमा की एक धारा 37 में एक संशोधन किया हैं।

सूत्रों से पता चला था कि अंतर्राष्ट्रीय समूह ने पनामा दस्तावेजों का खुलासा किया था इसमें लगभग 500 भारतीयों के नाम थे जिन्होंने कथित तौर पर विदेशों में धन लगा रखा हैं।