पनामा पेपर्स : पाक SC के 5 जजों में से 3 ने दिया नवाज के पक्ष में फैसला

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के लिए पनामा मामले के फैसले का दिन काफी अहम रहा। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने बहुचर्चित और बहुप्रतीक्षिक पनामा पेपर्स मामले में अपना फैसला सुना दिया है। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट की 5 सदस्यीय बैंच ने इस फैसले को 3-2 से सुनाया है। अपने इस फैसलें में सुप्रीम कोर्ट ने संयुक्त जांच टीम बनाने के लिए भी कहा है। ध्यान देने की बात ये है की 2 जज नवाज को अयोग्य ठहराने के पक्ष में थे।

कोर्ट ने कहा की संयुक्त जांच की टीम पैसा कतर भेजे जाने की जांच करेगी। साथ ही नवाज और उनके दोनों बेटों को संयुक्त जांच टीम के सामने पेश होना होगा।

बता दें की पनामा मामले में आया ये फैसला कहीं ना कहीं नवाज के राजनीतिक भविष्य पर भी असर डालेगा, क्योंकि पाकिस्तान की कई राजनीतिक पार्टियों (तहरीक-ए-इंसाफ, जमात-ए-इस्लामी, आवामी मुस्लिम लीग व अन्य दलों) ने नवाज के खिलाफ याचिका दायर की थी।

दरअसल, इस मामले पर 23 फरवरी को हुई आखरी सुनवाई में कोर्ट ने बचाव पक्ष और अभीयोजन पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद कहा थी की कोर्ट अपना फैसला सुरक्षित रखती है और और इस पर विस्तृत फैसला सुनाएगी।

पुराना मामला

ये मुकदमा साल 1990 में नवाज के जरिए धन शोधन करके लंदन में प्रोपर्टी खरीदने का है। उस वक्त में शरीफ 2 बार पाकिस्तान के मुख्यमंत्री रहे थे। इस केस की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की 5 जजोौं की बेंच ने की थी जिसके मुखिया जस्टिस आसिफ सईद खोसा थे।

समय से पहले चुनाव करवा सकती है शरीफ की पार्टी

इस मामले पर फैसला कुछ भी आ सकता है। इसलिए शरीफ की पार्टी पीएमएल-ए-उच्चतम समय से पहले चुनाव करा सकती है। बता दें की ये मामला सीधे तौर पर प्रधानमंत्री और उनके बच्चों से जुड़ा हुआ है। इसलिए यदि फैसला शरीफ के विपरीत आया तो पार्टी अपनी रणनीति को तैयार रखना चाहती है।

पार्टी के एक नेता ने बताया की, प्रधानमंत्री शरीफ को प्रभावित करने वाला फैसला आया तो पार्टी समय से पहले चुनाव करा सकती है। उन्होनें कहा की पार्टी में इस बात को लेकर अभी पूर्ण रुप से सहमति नहीं बनी है। कुछ लोगों का विचार है की शरीफ के विपरीत फैसला आने पर चुनाव समय से पहले कराया जाना चाहिए, क्योंकि इससे पार्टी को फायदा मिलेगा। वहीं दूसरे धड़ का कहना की सरकार को अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद ही चुनाव कराना चाहिए।