पाकिस्तान का चीन से हुआ करार, मिलेंगी आठ पनडुब्बियां

बीजिंग। पाकिस्तान को चीन से वर्ष 2028 तक डीजल-बिजली से संचालित रूपांतरित की हुई आठ हमला करने वाली पनडुब्बियां मिलेंगी। स्पूतनिक न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की अगली पीढ़ी के पनडुब्बी कार्यक्रम के प्रमुख ने इसकी घोषणा नेशनल असेंबली में देश की रक्षा से जुड़ी स्थायी कमेटी के समक्ष 26 अगस्त को की।

दोनों देशों के बीच यह सौदा चार से पांच अरब डॉलर का है। एक अनुमान के मुताबिक इसके लिए चीन कम ब्याज दर पर पाकिस्तान को ऋण देगा। घोषणा में इसकी भी पुष्टि की गई है कि यह परियोजना आगे बढ़ रही है लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि करार पर हस्ताक्षर हुआ है या नहीं। रियर एडमिरल सईद हसन नासिर शाह ने अप्रैल में घोषणा की थी कि कराची शिपयार्ड एंड इंजीनियरिंग वर्क्‍स (केएसईडब्ल्यू) को चार से आठ पनडुब्बियों के निर्माण का करार मिला है। चार अन्य को चाइना शिपबिल्डिंग ट्रेडिंग कंपनी (सीएसटीसी) बना रही है।

submarines

इन पनडुब्बियों में एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (एआईपी) प्रणाली लगी होगी। वर्ष 2011 के अप्रैल में चाइना शिपबिल्डिंग ट्रेडिंग इनडस्ट्रियल कॉर्प ने छह टाइप 032 क्विं ग क्लास की परंपरागत हमला करने वाली पनडुब्बियों के वर्ष 2016 या 2017 तक तैयार करने लिए करार पर हस्ताक्षर किया था।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि हाल में टाइप 041 पनडुब्बियों के लिए बातचीत होने की खबरें हैं। खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान चीन की सहायता से दो तरह की पनडुब्बियों का निर्माण करेगा। ये हैं प्रोजक्ट एस-26 और प्रोजेक्ट एस-30। ये पनडुब्बियां पश्चिमी कराची के ओर्मारा में विकसित किए जा रहे सबमरीन रिबिल्ड कॉम्प्लेक्स में बनाई जानी हैं।

निर्यात संस्करण की छोटी पनडुब्बी का वजन 2300 टन रहेगा जिसे एस 20 नाम दिया गया है। चार पनडुब्बियों में पहली के बारे में बताया जाता है कि वर्ष 2023 के अंत तक मिल जाएगी। अन्य पनडुब्बियों का निर्माण वर्ष 2028 तक पूरा हो पाएगा।