पहली बार साथ नज़र आए ट्रंप-शरीफ, नहीं हुई किसी भी मुद्दे पर बात

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पहली बार सउदी अरब में साथ नज़र आए। लेकिन दोनों के बीच न तो कई बात चीत हुई और न ही कोई बैठक आमने सामने होने के बाद भी ट्रंप ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात नहीं की। हालांकि इस दौरान उन्होंने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ हनी और सऊदी राजा सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद से मुलाकात की। अमेरिकी दूतावास ने सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए इस बात को साफ किया कि सऊदी में नवाज शरीफ और ट्रमप के बीच कोई राजनीति सम्मेलन नहीं हुआ है। इसके अलावा सम्मेलन में राष्ट्रपति ट्रंप ने स्वीकार किया कि भारत आतंकवाद का शिकार है

बता दें कि ट्रंप ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि हर देश को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आतंकवादियों को उनकी जमीन को संरक्षण नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि दोनों के बीच एक औपचारिक मुलाकात हुई थी।

ट्रंप ने किया 55 मुस्लिम देशों के नेताओं को संबोधित

ट्रंप अपनी पहली विदेश यात्रा के पहले पड़ाव के तहत सऊदी अरब पहुंचे हुए हैं, जहां उन्होंने पहले ‘अरब इस्लामिक अमेरिकी समिट’ को संबोधित किया। इस सम्मेलन में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ समेत 55 मुस्लिम देशों के नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। शरीफ के साथ पाकिस्तानी विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज भी सऊदी गए हैं।

पाक मीडिया का दावा ट्रंप शरीफ ने मिलाया हाथ

वहीं, पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ सऊदी पहुंचे, जहां वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिले। हालांकि अभी तक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और शरीफ की मुलाकात की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। लेकिन पाक मीडिया का कहना है कि रियाद के किंग अब्दुल अजीज कांफ्रेंस सेंटर में आयोजित समिट से पहले दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया। इस बीच ट्रंप ने कहा कि वह पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ से मुलाकात करके बेहद खुश हैं। इसके जवाब में शरीफ ने कहा कि उनको भी इस मुलाकात से बेहद खुशी हुई है।

कश्मीर राग अलापने के मूड में शरीफ

बता दें कि इस बीच शरीफ ट्रंप के सामने कश्मीर राग अलापेंने के मूड में हैं, लेकिन पारिस्तानी मीडिया के मुताबिक अभी तक दोनों नेताओं के बीच हाय-हल्लों के अलावा कोई खास बातचीत नहीं हुई है। पाक मीडिया का कहना है कि इस मुलाकात के लिए सऊदी अरब से पाकिस्तान ने खास अपील की थी। हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के मद्देनजर दोनों नेताओं की मुलाकात पर दुनिया भर की निगाहें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि पाकिस्तानी पीएम के सऊदी जाने का मकसद समिट में हिस्सा लेने से ज्यादा अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात करने का है। इससे पहले दोनों नेताओं ने फोन पर बातचीत की थी।

ट्रंप ने कहा नेताओं से आतंकवाद को उखाड़ फेंको

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अच्छे और बुरे के बीच की लड़ाईपहले अरब इस्लामिक अमेरिकी समिट में 55 मुस्लिम देश के नेताओं ने शिरकत की। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुस्लिम जगत के नेताओं से आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने को कहा। ट्रंप ने कहा कि आतंकवाद ईश्वर की पूजा नहीं करते हैं। वे मौत की पूजा करते हैं। यह अलग-अलग धर्म के बीच की लड़ाई नहीं हैं। यह अच्छाई और बुराई के बीच की लड़ाई है। ऐसे में प्रत्येक देश की जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि उसकी जमीन पर आतंकियों को पनाह न मिले। आतंकी संगठन किसी तरह की प्रेरणा नहीं देते हैं, बल्कि हत्याएं करते हैं।