पाकिस्तानी जेल से मुंबई के हामिद की रिहाई के लिए ऑनलाइन अभियान

मुंबई। पाकिस्तानी जेल में विगत चार साल से बंद मुंबई निवासी हामिद एन. अंसारी की रिहाई का दबाव बनाने के लिए एक साामाजिक संगठन ने शनिवार को ऑनलाइन आवेदन देना शुरू किया। मुंबई के उपनगर अंधेरी के रहने वाला एक इंजीनियर सह एमबीए हामिद अंसारी (31) नवंबर, 2012 में नौकरी के लिए साक्षात्कार देने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल गया था।

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अंसारी को फेसबुक पर एक पाकिस्तानी लड़की से दोस्ती हो गई और बताया जाता है कि बाद में उस लड़की की उससे दोगुनी उम्र के पुरुष के साथ जबरन शादी कराई जा रही थी। लड़की को बचाने के लिए वह सीमा पार कर पाकिस्तान स्थित कोहाट चला गया।

आवेदन अभियान प्रसन्ना चंद्रशेखर ने शुरू किया है। उन्होंने कहा कि उस लड़की ने अपनी निराशा साझा की है और अंसारी से मदद के लिए गुहार लगाई है। दोनों के बीच संदेशों के आदान-प्रदान से जाहिर होता है कि अंसारी ने उसे बचाने का निर्णय लिया था।

अंसारी नवंबर, 2012 को जलालाबाद में अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पार कर पेशावर चला गया। हालांकि दो दिन पहले ही उसके साथ सारे संपर्क टूट गए थे। बाद में पता चला कि पाकिस्तानी पाकिस्तानी सेना ने उसे हिरासत में लिया था और वहां की सैन्य अदालत में उस पर मुकमा चल रहा था।

ये चौंकाने वाले तथ्य इस साल जनवरी में तब उजागर हुए, जब उसकी मां फौजिया अंसारी ने एक याचिका दायर की और कहा कि अंसारी को नवंबर, 2015 को तीन साल की सजा सुनाई गई थी। मुंबई कांग्रेस के पूर्व विधायक कृष्ण हेगड़े ने कहा कि पेशावर उच्च न्यायालय ने संबद्ध प्राधिकारियों से विचाराधीन कैदी के रूप में अंसारी द्वारा जेल में बिताए गए तीन साल समेत उसके मामले पर विचार करने और उसकी रिहाई की संभावित तिथि की घोषणा करने को कहा है।

ऑनलाइन आवेदन में कहा गया है कि पाकिस्तानी जेल में अंसारी के चार साल बीत चुके हैं और अभी तक वह रिहा नहीं हुआ है जिससे उसके अभिभावक नेहाल और फौजिया निराश हैं। दोनों अंसारी की वापसी के लिए काफी प्रयास कर रहे हैं। दोनों ने अंसारी की जल्द रिहाई की मांग करते हुए भारत में बड़े प्राधिकारियों और पाकिस्तान सरकार से हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हुए पत्र लिखा है।

(आईएएनएस)