कांग्रेस से खफा हो गए उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव!

पटना। बिहार के उप-मुख्यमंत्री तथा राजद नेता तेजस्वी यादव ने सतारूढ़ महागठबंधन में शामिल कांग्रेस द्वारा बिहार विधान परिषद की चार सीटों पर हो रहे चुनाव में गया स्नातक और शिक्षक सीट पर उम्मीदवार उतारने पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि दो ही क्यों, विधान परिषद की चारों सीटों पर कांग्रेस को अपना उम्मीदवार उतारना चाहिए था।

संवाददाताओं के साथ बातचीत में तेजस्वी यादव ने मंगलवार को बताया कि महागंठबंधन सरकार का इस चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है राजद के दोनों उम्मीदवारों की जीत का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि यह चुनाव व्यक्तिगत परिचय पर लड़ा जा रहा है गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि एनडीए में रालोसपा, लोजपा और भाजपा के अलग-अलग प्रत्याशी इस चुनाव में मैदान में हैं , वहीं, सतारूढ़ महागठबंधन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राजद ने गठबंधन धर्म निभाते हुए हालांकि अपना फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बातचीत के बाद लिया और इस चुनाव में राजद को जदयू का उन्हें समर्थन प्राप्त है बिहार विधान परिषद की चार सीटों के चुनाव में महागंठबंधन और एनडीए दोनों गंठबंधनों में दरार पैदा हो गयी है. सबसे अधिक घमासान गया सीट पर है।

इन सीटों पर महागंठबंधन की घटक कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी उतारने पर डिप्टी सीएम तेजस्वी प्रसाद यादव ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस दो ही क्यों, विधान परिषद की चारों सीटों पर उसे अपना उम्मीदवार खड़ा करना चाहिए था गौरतलब है कि पूर्व मंत्री जगदानंद सिंह के पुत्र पुनीत कुमार सिंह गया स्नातक सीट से और दिनेश प्रसाद यादव गया शिक्षक सीट से अपनी किस्मत आजमा रहे हैंट इस बीच कांग्रेस ने गया स्नातक सीट से पूर्व विधान पार्षद अजय कुमार सिंह और गया शिक्षक सीट से बक्सर के पूर्व विधायक हृदय नारायण सिंह को मैदान में उतार दिया यादव ने कहा कि यह फैसला कांग्रेस पार्टी द्वारा लिया गया खुद का फैसला है । वहीं, बिहार के पशुपालन तथा मत्स्य संसाधन मंत्री और गया में विधान परिषद चुनाव के कांग्रेस के प्रभारी अवधेश कुमार सिंह ने स्पष्टीकरण प्रस्तुत करते कहा कि पार्टी आलाकमान के निर्देश पर ही गया में चुनाव लड़ा जा रहा है ।