ओला की सेवा बंद करने से बेरोजगारी के कगार पर खड़े 700 लोग

नई दिल्ली। एप आधारित टैक्सी सेवा मुहैया कराने वाली कंपनी ओला ने ‘टैक्सी फॉर श्योर’ कारोबार बंद करने का निर्णय किया है। ओला ने 18 महीने पहले ही 20 करोड़ डालर में इसका अधिग्रहण किया था। खबरों के मुताबिक कंपनी के इस कदम से कम से कम 700 लोगों की नौकरी जाने की आशंका है। इसमें कारोबार विकास और सपोर्ट सेवा के कर्मचारी शामिल हैं। एक ईमेल के जवाब में ओला ने कहा कि टैक्सी फॉर श्योर की ग्राहकों के बीच एक सस्ती सेवा प्रदान करने वाले ब्रांड की पहचान थी जिसे ओला की ओला माइक्रो सेवा की शुरूआत करने के बाद उसके मंच पर ही समाहित कर दिया गया। टैक्सी फॉर श्योर से जुड़े सभी ड्राइवर-सहयोगी और ग्राहकों को ओला के मंच पर लाया जा चुका है और अब एकीकरण का यह काम पूरा हो चुका है।

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इस एप आधारित ‘ओला’ टैक्सी सर्विस कंपनी ने मार्च 2015 में अधिग्रहण किया था। अब ये उपक्रम को बंद होने जा रहा है। जिसका कंपनी के जिन विभागों से कर्मचारियों की छंटनी होगी उनमे प्रमुख उनके कॉल सेंटर, ड्राईवर रिलेशन, व्यवसाय विकास इकाइयों और कस्टमर से सीधी जानकारी रखने वाले लोग के विभागों से शामिल होंगे। हालांकि इस जानकारी पर फ़िलहाल ओला की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

ओला ने भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए 20 करोड़ डॉलर में टैक्सी फॉर श्योर का अधिग्रहण किया था जो भारत की सबसे बड़ी एप आधारिक टैक्सी सर्विस कंपनी बन गयी थी। कंपनी के इस अधिग्रहण के पीछे अमेरिकी कंपनी उबर को भारतीय बाजार में पछाड़ने की योजना के तहत देखा गया। ओला ने टैक्सी फॉर श्योर के अधिग्रहण के बाद धीरे-धीरे कंपनी के परिचालन को कम कर दिया वहीँ टैक्सी फॉर श्योर का परिचालन कम होने के बाद उबर एक साल में बड़ी तेजी से आगे बढ़ी। गौरतलब है कि इस साल की शुरूआत में ओला ने सस्ती एसी टैक्सी सेवा ‘माइक्रो’ शुरू की थी जो अब 90 भारतीय शहरों में अपनी सेवाएं दे रही है। ओला ने सस्ती कैब सर्विस के नाम पर अपनी प्राइम सेवा को लांच किया जिससे यह बाजार में अपनी पकड़ बनाये रख सके।