जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्राओं की संख्या नाकाफी : प्रकाश जावड़ेकर

नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने जवाहर नवोदय विद्यालयों में 78 प्रतिशत ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्र-छात्राओं के प्रतिनिधित्व पर जहां प्रसन्नता व्यक्त की वहीं विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं के 39 प्रतिशत आंकड़े को नाकाफी बताया। प्रकाश जावड़ेकर ने यह बात मंगलवार को यहां ‘हरित भारत-स्वस्थ भारत’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय एकता समागम 2016′-17 के उद्घाटन समारोह में कही। जावड़ेकर ने कहा​ कि देशभर में इस समय 594 जवाहर नवोदय विद्यालय हैं| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने इस वर्ष इसमें 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करते हुए 62 नये स्कूलों को मंजूदी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। जेएनवी को अच्छी शिक्षा का पर्याय बताते हुए कहा​ कि इनके माध्यम से देश में गुरूकुल परम्परा आज भी विद्धमान है।

उन्होंने कहा कि यह गुरूकुल ही है जहां शिक्षक और शिक्षार्थी एक साथ रहते हैं। उन्होंने इसे अनोखा प्रयोग बताया। उन्होंने बताया कि इन स्कूलों में प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से दाखिला मिलता है। गत वर्ष 22 लाख छात्र-छात्राओं ने 40 हजार सीटों के लिए प्रतियोगी परीक्षा में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों के कारण ही आज गरीब के बच्चों के मन में अच्छी शिक्षा की आस जगी है। जेएनवी में छात्राओं के 39 प्रतिशत पर अंसतोष जताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि असल में इसके लिए अभिभावकों का संकोच जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि जब छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षा देने का मौका नहीं दिया जाएगा तो उन्हें दाखिला कैसे मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार इसके लिए प्रयास करेगी।

इस मौके पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय और उपेंद्र कुशवाहा भी मौजूद थे। कार्यक्रम में किरण चंद्रा की पुस्तक द जॉय आॅफ आर्ट का भी विमोचन किया गया। जेएनवी के छात्रों ने इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये।