नोटबंदी से नक्सलियाें को जोरदार झटकाः 40 खातों पर लगी रोक

रांची। नोटबंदी के बाद से सरकार का दावा रहा है कि आतंकवाद और भ्रष्टाचार को रोकने में विमुद्रीकरण की नीति कामयाब रही है। प्राप्त हो रही खबरें सरकार के दावे को और पुख्ता करती है, नक्सल प्रभावित झारखंड में बैंक प्रशासन ने नक्सलियों के कम से कम 40 खातों से लेनदेन को रोक दिया है। इन खातों में 55 करोड़ रुपए जमा हैं जिन्हें अब निकाला नहीं जा सकेगा। इन 40 नक्सलियों में से 15 बेहद दुर्दात हैं, जिनके सिर पर इनाम भी है।

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आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि इस बात की जांच जारी है कि नक्सलियों के खाते खुलेआम कैसे चल रहे थे। जिन खातों पर रोक लगाई गई है, वे रांची, जमशेदपुर और चाइबासा जिलों में हैं। पुलिस ने कहा, जिन नक्सलियों के खातों पर रोक लगाई गई है, उनमें बड़े नामों में अक्रमांजी, ब्रजेश गंझू, बिंदू गंझू, राकेश और शेखर गंझू के नाम शामिल हैं। उनके अलावा कोहराम, आरिफ, करमपाल और कबीर जैसे कई अन्य नक्सलियों के खातों पर भी रोक लगा दी गई है, जिनके सिर पर इनाम है।

अपने परिजनों या अन्य रिश्तेदारों के खातों में रकम जमा कराने वाले कई नक्सलियों को उन खातों से लेन-देन करने से भी रोक दिया गया है। कई नक्सलियों की पत्नियां मुखिया या जिला परिषद की सदस्य हैं, इसलिए उनके खातों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।