भारत पर ब्रेक्सिट का अधिक असर नहीं: मूडीज

चेन्नई। ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से निकलने के फैसले का भारत सहित एशिया प्रशांत देशों पर कोई खास असर नहीं होगा। मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने सोमवार को यह बात कही। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने कहा कि हालांकि एशिया प्रशांत क्षेत्र के उन देशों में जिनकी राजकोषीय स्थिति खस्ताहाल है और मौद्रिक नीति बेअसर है, उनके पोर्टफोलियो और/या बैंकिंग प्रवाह में विकास प्रभावित हो सकता है।

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इस रपट में कहा गया है कि भारत में राजकोषीय और मौद्रिक नीति सुदृढ़ है और भारत में सीमित मात्रा में ही बाहरी देशों से किया गया निवेश है। इसलिए भारत पर ज्यादा असर की संभावना नहीं है। मूडीज ब्रिटेन द्वारा यूरोपीय संघ से निकलने का एशिया प्रशांत के किसी भी देश के क्रेडिट पर महत्वपूर्ण असर होने की उम्मीद नहीं कर रहा है।

इस संबंध में मूडीज ने कहा, “विशेष रूप से, हालांकि ब्रिटेन के जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि में मंदी से दुनिया के बाकी हिस्सों से उत्पादों की मांग की कमी आएगी। लेकिन एशिया प्रशांत क्षेत्रों का ब्रिटेन के साथ व्यापारिक संबंध काफी सीमित है।”

मूडीज ने कहा, “यद्यपि आनेवाले महीनों में ब्रेक्सिट से जुड़ी घोषणाओं से बाजार में अस्थिरता आएगी। लेकिन एशिया प्रशांत क्षेत्र के कुछ देशों पर ही इसका असर होगा, जिनकी राजकोषीय स्थिति या मौद्रिक नीति प्रभावी नहीं है।”

मूडीज ने अनुमान लगाया है कि ब्रिटेन की जीडीपी वृद्धि दर में साल 2017 में 1.2 फीसदी की कमी आएगी, जोकि पिछले साल के मुकाबले 1.6 फीसदी कम है। यूरोपीय संघ के व्यापारिक संबंधों में अनिश्चितता के कारण निवेश और घरेलू खपत में कमी आएगी। मूडीज ने कहा, “हम ब्रेक्सिट का यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्ता पर कोई खास असर नहीं देखते। वहीं, एशिया प्रशांत क्षेत्र का भी ब्रिटेन के साथ सीमित संबंध है, इसलिए इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर किसी गंभीर असर की संभावना नहीं है।”

(आईएएनएस)